बंगाल में बवाल:
दिनहाटा कोर्ट पहुंचते ही पूर्व मंत्री उदयन गुहा के खिलाफ प्रदर्शन, फेंके गए अंडे

कोलकाता-पश्चिम बंगाल के दिनहाटा में पूर्व मंत्री उदयन गुहा को जब सब-डिविजनल कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया, तो उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। कोर्ट परिसर के बाहर कुछ लोगों ने नारेबाजी की और उनकी ओर अंडे भी फेंके। स्थिति को देखते हुए इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई थी। पुलिस को उदयन गुहा हो हेलमेट पहनाकर वहां से ले जाना पड़ा। हालांकि गनीमत रही कि कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है।
कोर्ट परिसर के बाहर हुआ विरोध
दिनहाटा कोर्ट के बाहर उदयन गुहा की पेशी के दौरान माहौल तनावपूर्ण रहा। प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ नारे लगाए और विरोध जताया। पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी के चलते स्थिति नियंत्रण में रही और किसी बड़े टकराव की नौबत नहीं आई।
कोलकाता से हुई थी गिरफ्तारी
उदयन गुहा को बुधवार को कोलकाता के फूलबागान स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था। हालांकि अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया है कि उन्हें किन धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया, लेकिन सूत्रों के मुताबिक पुलिस लंबे समय से उनकी तलाश कर रही थी।
सूत्रों का दावा है कि वर्ष 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव और उसके बाद कूचबिहार जिले में हुई चुनाव बाद हिंसा के मामलों में उनकी कथित भूमिका की जांच चल रही थी। माना जा रहा है कि गिरफ्तारी उसी सिलसिले में की गई है।
ममता सरकार के तीसरे पूर्व मंत्री की गिरफ्तारी
9 मई को नई भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद उदयन गुहा ममता बनर्जी के पूर्व मंत्रिमंडल के तीसरे मंत्री हैं जिन्हें गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले पूर्व अग्निशमन मंत्री सुजीत बोस को नगर निकाय भर्ती घोटाले में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वहीं, पूर्व सुधार सेवा मंत्री उज्ज्वल बिस्वास को राज्य सरकार की राहत सामग्री के कथित अवैध भंडारण के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
कौन हैं उदयन गुहा?
उदयन गुहा कूचबिहार के वरिष्ठ वामपंथी नेता और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB) के दिवंगत नेता कमल गुहा के पुत्र हैं। कमल गुहा लंबे समय तक पश्चिम बंगाल की वाम मोर्चा सरकार में मंत्री रहे थे।
उदयन गुहा ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक से की थी। वर्ष 2011 में वह पहली बार दिनहाटा विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। बाद में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया और उसी सीट से दोबारा विधायक बने। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार अजय राय ने उन्हें 17 हजार से अधिक वोटों के अंतर से हराया था।
गिरफ्तारी के बाद उदयन गुहा ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि संबंधित मामले में उन्हें पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि अदालत से राहत मिलने के बावजूद उन्हें गैरकानूनी तरीके से गिरफ्तार किया गया। अब उनकी गिरफ्तारी और कोर्ट में पेशी के बाद इस मामले को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं और सभी की नजर जांच तथा अदालत की अगली कार्रवाई पर बनी हुई है।

