छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसला:
ग्रामीण परिवारों को हर साल 125 दिन रोजगार की गारंटी, आजीविका और हरित ऊर्जा को भी मिलेगा बढ़ावा

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट बैठक में ग्रामीण विकास, रोजगार, स्वरोजगार और हरित ऊर्जा को लेकर कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई। सरकार का दावा है कि इन निर्णयों से गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और लाखों ग्रामीण परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
हर ग्रामीण परिवार को 125 दिन रोजगार की गारंटी
कैबिनेट ने “विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिये गारंटी मिशन (ग्रामीण)” योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को हर वित्तीय वर्ष में 125 दिन तक अकुशल श्रम आधारित रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी।योजना के तहत जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण अधोसंरचना निर्माण और आजीविका से जुड़े विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
सरकार ने योजना के क्रियान्वयन और विकास कार्यों की निगरानी के लिए डिजिटल तकनीक और आधुनिक सिस्टम के उपयोग का फैसला किया है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और योजनाओं की बेहतर मॉनिटरिंग हो सकेगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने 4 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया है।
शुरू होगी ‘अटल आजीविका समृद्धि हाट’ योजना
ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए “अटल आजीविका समृद्धि हाट” योजना शुरू की जाएगी। इसके तहत हस्तशिल्प, बुनाई-सिलाई, डेयरी, राइस मिल, कोल्ड स्टोरेज, कृषि उपकरण मरम्मत और डिजिटल सेवा केंद्र जैसे विभिन्न केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का कहना है कि इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। योजना के संचालन की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को दी गई है।
बायोगैस नीति 2026 को भी मंजूरी
कैबिनेट ने “छत्तीसगढ़ कम्प्रेस्ड बायोगैस नीति 2026” को भी मंजूरी दी है। इसके तहत कृषि अवशेष, पशुधन अपशिष्ट और अन्य जैविक कचरे से स्वच्छ ईंधन कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) तैयार की जाएगी।
सरकार के मुताबिक इससे अपशिष्ट प्रबंधन में सुधार होगा, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।
कैबिनेट के इन फैसलों को ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन, डिजिटल सुशासन और हरित ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे गांवों में रोजगार बढ़ेगा, स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।

