पुदुचेरी में संसदीय स्थायी समिति की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने CSR फंड के बेहतर उपयोग पर दिया जोर

रायपुर | महिला सशक्तिकरण, बाल विकास और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित संसदीय स्थायी समिति की अध्ययन यात्रा के दूसरे दिन पुदुचेरी में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक(meeting)आयोजित की गई। बैठक में शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, युवा और खेल से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने समिति के अन्य सदस्यों, केंद्र और पुदुचेरी सरकार के अधिकारियों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) तथा बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ महिला कल्याण योजनाओं और सामाजिक विकास कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक(meeting) में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने, बच्चों के बेहतर पोषण, युवाओं के कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान यह भी चर्चा हुई कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक किस तरह प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है। समिति ने विभिन्न विभागों से योजनाओं के क्रियान्वयन और उनके प्रभाव को लेकर विस्तृत जानकारी ली।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि किसी भी राज्य या देश के समग्र विकास में महिलाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर महिला ही परिवार और समाज को मजबूत आधार दे सकती है। इसी सोच के साथ महिला सशक्तिकरण की योजनाओं को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ में महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह के प्रयास महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में सहायक साबित हो रहे हैं।
CSR फंड को महिला और बाल विकास पर खर्च करने की सलाह
बैठक(meeting) के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और उपक्रमों द्वारा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस अवसर पर बृजमोहन अग्रवाल ने सुझाव दिया कि CSR फंड का बड़ा हिस्सा महिला कल्याण, कौशल विकास, बाल शिक्षा, कुपोषण उन्मूलन और महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने जैसी योजनाओं में लगाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि CSR केवल औपचारिकता पूरी करने का माध्यम नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका सीधा लाभ समाज के जरूरतमंद वर्ग तक पहुंचना चाहिए। ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की महिलाओं को रोजगार, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में बैंक और सार्वजनिक उपक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने इस दिशा में ठोस और परिणाम आधारित कार्य करने पर जोर दिया।
बैठक में यह भी तय किया गया कि अध्ययन यात्रा के दौरान मिले सुझावों और विभिन्न विभागों से प्राप्त जानकारी को संसदीय स्थायी समिति अपनी रिपोर्ट में शामिल करेगी। यह रिपोर्ट संसद में प्रस्तुत की जाएगी, जिससे भविष्य में महिला, बाल और युवा कल्याण से जुड़ी नीतियों को और प्रभावी बनाया जा सके।
श्री अरबिंदो आश्रम और शिक्षा केंद्र का किया भ्रमण
समीक्षा बैठक से पहले संसदीय समिति के सदस्यों ने पुदुचेरी स्थित श्री अरबिंदो आश्रम का दौरा किया। इस दौरान समिति के सदस्यों ने श्री अरबिंदो की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके विचारों को याद किया। इसके बाद समिति ने श्री अरबिंदो अंतरराष्ट्रीय शिक्षा केंद्र का भी भ्रमण किया, जहां समग्र और मूल्य आधारित शिक्षा प्रणाली की जानकारी ली गई।
इस अवसर पर बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि श्री अरबिंदो के विचार आज भी शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनका मानना था कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि व्यक्ति के भीतर छिपी प्रतिभा और नैतिक मूल्यों का विकास करना है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए ऐसी शिक्षा व्यवस्था को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।
बैठक में संसदीय समिति के अध्यक्ष मुकुल वासनिक सहित कई सांसद, महिला एवं बाल विकास विभाग, भारत सरकार के संबंधित मंत्रालयों, प्रमुख सार्वजनिक बैंकों और सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। समिति ने महिला, बाल और युवा कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर सुझाव लिए और भविष्य की नीतियों को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में चर्चा की।

