क्वाड देशों ने हिंद-प्रशांत रणनीति को दी नई दिशा, आसियान के साथ सहयोग बढ़ाने पर बनी सहमति

फिलीपींस की राजधानी मनीला में आयोजित क्वाड (भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया) के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में चारों देशों ने आसियान (ASEAN) की एकता और उसकी केंद्रीय भूमिका के प्रति अपना समर्थन दोहराते हुए क्षेत्रीय सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
बैठक में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री शामिल हुए। विदेश मंत्रियों ने कहा कि चारों देश आसियान के व्यापक रणनीतिक साझेदार होने के नाते हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि के लिए मिलकर कार्य करेंगे।
बैठक के दौरान हिंद-प्रशांत क्षेत्र के सामने मौजूद चुनौतियों और अवसरों पर विस्तृत चर्चा की गई। विदेश मंत्रियों ने ‘आसियान आउटलुक ऑन द इंडो-पैसिफिक’ (AOIP) के प्रभावी क्रियान्वयन को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके तहत समुद्री सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने, आर्थिक सुरक्षा, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों के विकास तथा मानवीय सहायता एवं आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
संयुक्त बयान में कहा गया कि हिंद-प्रशांत के समुद्री क्षेत्र में शांति और स्थिरता पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और आर्थिक विकास की आधारशिला है। इसी उद्देश्य से क्वाड देशों ने आसियान के साथ मिलकर व्यावहारिक पहलों को आगे बढ़ाने और क्षेत्रीय साझेदारी को मजबूत करने का संकल्प दोहराया।
बैठक ऐसे समय हुई है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, आपूर्ति शृंखलाओं की मजबूती, उभरती तकनीकों और भू-राजनीतिक चुनौतियों को लेकर वैश्विक स्तर पर सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। क्वाड देशों ने संकेत दिया कि इन साझा प्राथमिकताओं पर भविष्य में आसियान के साथ समन्वय और अधिक गहरा किया जाएगा।

