जंतर-मंतर बवाल के बाद पेलेट गन पर विवाद, पुलिस ने दावों को बताया भ्रामक

नई दिल्ली। जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान हुई झड़प के बाद प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन और शॉक बैटन के इस्तेमाल के दावों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि उसके पास पेलेट गन नहीं है और प्रदर्शन के दौरान इसका इस्तेमाल नहीं किया गया।
कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पुलिस कार्रवाई में घायल हुए एक प्रदर्शनकारी के शरीर से पेलेट निकाले गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, घायल का इलाज अस्पताल में चल रहा है और उसकी सर्जरी भी की गई। वहीं, एक वायरल वीडियो में एक महिला को शॉक बैटन से बिजली का झटका दिए जाने का भी दावा किया गया है।
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पेलेट गन के इस्तेमाल की खबरें झूठी और भ्रामक हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि की गई जानकारी साझा न करें।
रिपोर्टों के अनुसार, जंतर-मंतर पर हुई झड़प में 80 से अधिक प्रदर्शनकारी और 118 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। कुछ घायलों का इलाज दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में जारी है।
पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देश भी स्पष्ट हैं। नियमों के अनुसार, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पहले आंसू गैस, पावा-चिली और अन्य गैर-घातक उपाय अपनाए जाते हैं। यदि ये सभी उपाय विफल हो जाएं, तभी अंतिम विकल्प के तौर पर पेलेट गन का इस्तेमाल किया जा सकता है।
पेलेट गन का इस्तेमाल पहले जम्मू-कश्मीर, मणिपुर और किसान आंदोलन के दौरान भी विवाद का विषय रह चुका है। हालांकि जंतर-मंतर मामले में पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और दिल्ली पुलिस ने इन दावों से साफ इनकार किया है।

