NEET में तीसरी बार असफल होने पर छात्रा ने दी जान
सुसाइड नोट में लिखा- 'मैं परफॉर्म नहीं कर पाई'

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET में लगातार तीसरी बार असफल होने से आहत एक 20 वर्षीय छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना बोधघाट थाना क्षेत्र के आड़ावाल खासपारा की है। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें छात्रा ने परीक्षा में सफल नहीं हो पाने और परिवार की उम्मीदों पर खरा न उतर पाने की बात लिखी है।
रिजल्ट देखने के बाद उठाया आत्मघाती कदम
जानकारी के अनुसार, सुरला हरिका राव नायडू पिछले तीन वर्षों से डॉक्टर बनने के लिए NEET की तैयारी कर रही थी। गुरुवार रात परीक्षा परिणाम आने के बाद उसने परिवार के साथ भोजन किया और अपने कमरे में जाकर लैपटॉप पर रिजल्ट देखा। देर रात जब उसकी मां कमरे में पहुंचीं तो बेटी फंदे से लटकी मिली। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
तीन साल की मेहनत के बाद भी नहीं मिली सफलता
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि छात्रा लगातार तीन वर्षों से NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थी। इस बार भी चयन नहीं होने से वह गहरे तनाव और निराशा में थी। पुलिस परीक्षा में असफलता और मानसिक दबाव को आत्महत्या की प्रमुख वजह मानकर जांच कर रही है।
सुसाइड नोट में बयां किया दर्द
पुलिस के अनुसार छात्रा के कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। उसमें उसने लिखा कि वह NEET परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकी और परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं। परीक्षा में सफलता नहीं मिलने के कारण उसने यह कदम उठाने की बात लिखी है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं का बढ़ता दबाव चिंता का विषय
यह घटना एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के बढ़ते मानसिक दबाव की ओर ध्यान खींचती है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी परीक्षा में असफलता जीवन का अंत नहीं होती। ऐसे समय में परिवार, मित्रों और शिक्षकों का भावनात्मक सहयोग बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि कोई छात्र लंबे समय से तनाव, निराशा या हताशा महसूस कर रहा हो, तो उसे समय रहते भरोसेमंद लोगों या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से मदद लेनी चाहिए।

