शरद पवार की NCP की NDA में एंट्री की अटकलें तेज: पहले दोनों गुटों के विलय पर बीजेपी का फोकस, महाराष्ट्र में बढ़ी सियासी हलचल

दिल्ली। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। चर्चा है कि शरद पवार (Sharad Pawar) के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी भविष्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का हिस्सा बन सकती है।
हालांकि, सूत्रों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसके लिए एक स्पष्ट रणनीति बनाई है। पार्टी का मानना है कि पहले एनसीपी के दोनों गुटों का विलय होना जरूरी है, उसके बाद ही एनडीए में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, बीजेपी फिलहाल केवल शरद पवार या उनके कुछ सहयोगियों को सीधे एनडीए में शामिल करने के पक्ष में नहीं है। पार्टी चाहती है कि अजित पवार और शरद पवार (Sharad Pawar) के नेतृत्व वाले दोनों गुट अपने मतभेद खत्म कर एकजुट हों। इसके बाद ही गठबंधन को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
इधर, महाराष्ट्र सरकार में सहयोगी अजित पवार गुट की एनसीपी भी अपनी राजनीतिक दावेदारी मजबूत करने में जुटी है। पार्टी ने मांग की है कि राज्यसभा सांसद पार्थ पवार को केंद्र सरकार के अगले मंत्रिमंडल विस्तार में मंत्री बनाया जाए।
राजनीतिक (Sharad Pawar) चर्चाओं को उस समय और बल मिला, जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी आवास पर एनसीपी के दोनों गुटों के नेताओं के बीच बैठक हुई। हालांकि, नेताओं का कहना है कि बैठक स्थानीय प्रशासनिक और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर थी, न कि किसी राजनीतिक पुनर्गठन को लेकर।
इस बीच संसद के आगामी मानसून सत्र में प्रस्तावित परिसीमन विधेयक को लेकर भी एनसीपी (एसपी) की भूमिका अहम मानी जा रही है। लोकसभा में पार्टी के आठ सांसद हैं और उसका समर्थन या तटस्थ रुख सरकार के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
फिलहाल शरद पवार गुट ने एनडीए में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन लगातार हो रही बैठकों ने महाराष्ट्र की सियासत में नई अटकलों को जन्म दे दिया है।

