परमेश्वरी आश्रम में 30 लाख की कथित अनियमितता, कोर्ट के आदेश पर तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

दुर्ग के परमेश्वरी आश्रम में करीब 30 लाख रुपए की कथित वित्तीय अनियमितता और छल-कपट के मामले में न्यायालय के आदेश पर कोतवाली थाना पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने प्रस्तुत दस्तावेजों और थाना प्रभारी की रिपोर्ट के आधार पर प्रथम दृष्टया मामला बनता हुआ मानते हुए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
मामले में लक्ष्मीनारायण देवांगन, पवन कुमार देवांगन और अनिल देवांगन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। यह परिवाद पुरानिक राम देवांगन ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय में प्रस्तुत किया था।
परिवाद के अनुसार, दुर्ग जिला देवांगन समाज द्वारा वर्ष 2017 में आयोजित सामाजिक अधिवेशन के बाद परमेश्वरी आश्रम के निर्माण के लिए विभिन्न स्रोतों से आर्थिक सहायता प्राप्त हुई थी। तत्कालीन मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत 15 लाख रुपए, महापौर निधि से 5 लाख रुपए, सांसद निधि से 6 लाख रुपए तथा विधायक निधि से 10 लाख रुपए सहित अन्य मदों से राशि उपलब्ध कराई गई थी। नगर निगम द्वारा बघेरा स्थित करीब ढाई एकड़ भूमि पर आश्रम का निर्माण कराया गया और वर्ष 2019 में भवन समाज को सौंप दिया गया।
आरोप है कि वर्ष 2019 में गठित संचालन समिति के बाद भवन प्रभारी और अन्य पदाधिकारियों ने समाज की सहमति और जानकारी के बिना आश्रम का संचालन किया तथा आय-व्यय का हिसाब प्रस्तुत नहीं किया। शिकायतकर्ता का दावा है कि आश्रम से प्राप्त राशि को अनधिकृत रूप से अपने कब्जे में रखा गया। जब वित्तीय जानकारी और हिसाब मांगा गया तो विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।
इन्हीं आरोपों के आधार पर न्यायालय ने मामले में प्रथम दृष्टया अपराध बनना मानते हुए पुलिस को एफआईआर दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए हैं। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर आरोपों की सत्यता और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल करेगी।

