नई MBBS सीटें 595 बढ़ीं, फिर भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन आसान नहीं
हाई स्कोर बढ़ाएगा कटऑफ

रायपुर। छत्तीसगढ़ में इस साल एमबीबीएस (MBBS) की 595 नई सीटें जुड़ने के बावजूद सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिला पहले की तुलना में आसान होता नजर नहीं आ रहा है। इस बार NEET UG 2026 का रिजल्ट हाई स्कोरिंग रहा है, जिसके चलते विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों का कटऑफ पिछले साल के मुकाबले कम होने के बजाय बढ़ सकता है। ऐसे में सीटें बढ़ने के बावजूद छात्रों के बीच प्रतिस्पर्धा और कड़ी रहने की संभावना है।
595 नई सीटों का फायदा, लेकिन मुकाबला भी होगा कड़ा
प्रदेश में इस सत्र में पांच नए सरकारी और एक निजी मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिली है। नए सरकारी मेडिकल कॉलेज कवर्धा, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, गीदम और कुनकुरी में 50-50 सीटों के हिसाब से कुल 250 नई सीटें जोड़ी गई हैं। वहीं निजी क्षेत्र में मां पद्मावती मेडिकल कॉलेज को 100 एमबीबीएस सीटों की मंजूरी मिली है।
इसके अलावा पहले से संचालित मेडिकल कॉलेजों में भी सीटें बढ़ाई गई हैं। नेहरू मेडिकल कॉलेज में 20, जगदलपुर में 25, रिम्स में 100 तथा अभिषेक और रावतपुरा मेडिकल कॉलेज में 50-50 सीटों की वृद्धि हुई है। इस तरह प्रदेश में कुल 595 नई MBBS सीटें उपलब्ध होंगी।
हाई स्कोरिंग रिजल्ट से बढ़ेगा कटऑफ
इस वर्ष छत्तीसगढ़ के दो छात्रों ने संयुक्त रूप से 690-690 अंक हासिल कर प्रदेश में टॉप किया है। वहीं पिछले वर्ष ऑल इंडिया टॉपर के 684 अंक थे। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार अधिक छात्रों के हाई स्कोर करने से सरकारी मेडिकल कॉलेजों का कटऑफ ऊपर जा सकता है।
पिछले साल कठिन प्रश्नपत्र के कारण कटऑफ काफी नीचे आया था और करीब 474 अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिल गया था। लेकिन इस बार ऐसी संभावना कम दिखाई दे रही है।
22 हजार छात्रों ने किया क्वालिफाई
प्रदेश से इस बार करीब 45 हजार विद्यार्थियों ने NEET UG परीक्षा दी थी, जिनमें लगभग 22 हजार छात्र क्वालिफाई हुए हैं। अब सभी की नजर अगले महीने संभावित काउंसिलिंग प्रक्रिया पर टिकी हुई है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अनुसार, एनटीए से राज्य का विस्तृत डेटा मिलने के बाद स्टेट काउंसिलिंग का शेड्यूल जारी किया जाएगा।
निजी कॉलेजों में भी रहेगा दबाव
पिछले वर्षों के ट्रेंड के अनुसार, सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट नहीं मिलने वाले छात्र निजी मेडिकल कॉलेजों का रुख करते हैं। हालांकि निजी कॉलेजों में मैनेजमेंट और एनआरआई कोटे के जरिए अन्य राज्यों के छात्र भी प्रवेश लेते हैं, जिससे वहां भी प्रतिस्पर्धा बनी रहती है।
वहीं कुछ निजी मेडिकल कॉलेजों ने फीस बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन फीस विनियामक समिति ने इसे मंजूरी नहीं दी। समिति का कहना है कि छत्तीसगढ़ की प्रति व्यक्ति आय और पड़ोसी राज्यों की फीस संरचना को देखते हुए वर्तमान फीस उचित है।
काउंसिलिंग जल्द होगी शुरू
चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, ऑल इंडिया कोटे की काउंसिलिंग का शेड्यूल जारी होने के बाद राज्य की काउंसिलिंग शुरू की जाएगी। इसके बाद मेरिट के आधार पर ऑल इंडिया, स्टेट, मैनेजमेंट और एनआरआई कोटे की सीटों पर पारदर्शी तरीके से प्रवेश प्रक्रिया पूरी होगी।
कुल मिलाकर, सीटें बढ़ने से छात्रों को विकल्प जरूर अधिक मिलेंगे, लेकिन इस बार हाई स्कोरिंग रिजल्ट के कारण सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए पहले से अधिक अंक लाने होंगे। ऐसे में NEET UG 2026 की काउंसिलिंग प्रदेश के हजारों मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए बेहद अहम रहने वाली है।

