सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए बड़ी सौगात! अब मुफ्त मिलेगी NEET-JEE की कोचिंग
अगस्त से शुरू होंगी विशेष कक्षाएं

दुर्ग। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। अब मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी करने के लिए महंगी कोचिंग पर हजारों रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं होगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने दुर्ग जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 11वीं और 12वीं के चयनित छात्रों को NEET और JEE की निशुल्क कोचिंग देने का फैसला किया है। विशेष कक्षाएं अगस्त 2026 से शुरू होंगी।
सरकारी स्कूलों के छात्रों को मिलेगा बड़ा मौका
इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तैयारी का अवसर देना है। इसके लिए बुधवार को संयुक्त संचालक शिक्षा, दुर्ग संभाग डॉ. के.वी. राव ने विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की बैठक लेकर पूरी कार्ययोजना तैयार की।
40 विषय विशेषज्ञ शिक्षक संभालेंगे जिम्मेदारी
कोचिंग के लिए जिले के सरकारी स्कूलों के 40 विषय विशेषज्ञ शिक्षकों का चयन किया गया है। इन्हें कोचिंग संचालन, पढ़ाई की रणनीति और विद्यार्थियों के मार्गदर्शन की जिम्मेदारी दी गई है। शिक्षा विभाग का कहना है कि सरकारी स्कूलों के शिक्षक मेरिट के आधार पर नियुक्त होते हैं और उनके अनुभव का फायदा अब सीधे छात्रों को मिलेगा।
राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ देंगे शिक्षकों को ट्रेनिंग
कोचिंग शुरू होने से पहले चयनित शिक्षकों को तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण देश के प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा कराया जाएगा। इसमें परीक्षा पैटर्न, कठिन प्रश्नों को हल करने की तकनीक और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों की जानकारी दी जाएगी।
अगस्त से शुरू होंगी नियमित कक्षाएं
शिक्षा विभाग ने कोचिंग की समय-सारिणी, विषयवार पाठ्यक्रम और प्रत्येक शिक्षक की जिम्मेदारी भी तय कर दी है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद अगस्त से नियमित कक्षाएं शुरू कर दी जाएंगी, ताकि छात्र समय रहते NEET और JEE जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें।
क्या सरकारी कोचिंग निजी संस्थानों का विकल्प बन पाएगी?
यह योजना सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए निश्चित रूप से बड़ा अवसर है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सिर्फ मुफ्त कोचिंग से सफलता मिलेगी, या फिर इसे निजी कोचिंग संस्थानों जैसी गुणवत्ता, नियमित टेस्ट और बेहतर स्टडी मैटेरियल भी मिलेगा? अगर इन पहलुओं पर भी बराबर ध्यान दिया गया, तो यह योजना हजारों छात्रों के भविष्य को नई दिशा दे सकती है।

