पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन में तिरंगे की स्थिति पर उठे सवाल, रेलवे प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जहां पूरा देश राष्ट्रीय गौरव के उत्साह में डूबा था, वहीं पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन स्थित सहायक मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता कार्यालय परिसर से सामने आई तस्वीरों ने रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरों और वीडियो में राष्ट्रीय ध्वज एक ओर झुका हुआ और नीचे की तरफ लटका नजर आ रहा है। इस स्थिति को लेकर स्थानीय नागरिकों में नाराजगी देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार, 15 अगस्त को पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन के सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग के परिसर में ध्वजारोहण किया गया था। ध्वजारोहण के बाद परिसर में सजावटी पट्टियां भी लगाई गई थीं, लेकिन कुछ समय बाद तिरंगा अस्त-व्यस्त स्थिति में दिखाई दिया। तस्वीरें सामने आने के बाद लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज की उचित देखरेख और उसकी गरिमा बनाए रखने को लेकर सवाल उठाए हैं।
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स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रीय ध्वज की स्थिति पर निगरानी रखने के लिए जिम्मेदार कर्मचारी की तैनाती क्यों नहीं की गई। यदि तेज हवा, मौसम या ध्वजदंड में किसी तकनीकी खराबी के कारण तिरंगा झुका था, तो रेलवे प्रशासन की ओर से तत्काल इसे ठीक क्यों नहीं किया गया?
मामले को लेकर रेलवे के उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की जा रही है। नागरिकों का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज देश की एकता, संप्रभुता और राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक है। ऐसे में किसी भी सरकारी परिसर में उसकी गरिमा से जुड़ी लापरवाही को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
क्या कहता है नियम?
भारतीय ध्वज संहिता, 2002 में राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन और उसकी गरिमा बनाए रखने को लेकर स्पष्ट प्रावधान हैं। राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानजनक स्थिति में प्रदर्शित किया जाना आवश्यक है। वहीं, राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत राष्ट्रीय ध्वज के अपमान से संबंधित प्रावधान भी लागू होते हैं।
हालांकि, पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन की घटना में तिरंगे की स्थिति किन परिस्थितियों में ऐसी हुई, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इस संबंध में रेलवे प्रशासन के किसी अधिकारी का आधिकारिक पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया है। स्थानीय लोगों ने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।



