यश नेपोटिज्म और स्टारडम पर बोले, कहा- ‘इस इंडस्ट्री में सबकुछ ऑडियंस डिसाइड करती है’

साउथ सुपरस्टार यश इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ‘टॉक्सिक’ को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म की रिलीज से पहले वह लगातार प्रमोशन में जुटे हैं। इसी दौरान एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने स्ट्रगल, स्टारडम और नेपोटिज्म को लेकर खुलकर बात की।
यश से जब पूछा गया कि अल्लू अर्जुन, चिरंजीवी और थलपति विजय जैसे सितारों को फिल्मी परिवार से आने का फायदा मिला, तो उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में आखिरकार फैसला दर्शक ही करते हैं। उनके मुताबिक, अगर किसी एक्टर का बेटा एक्टर बनता है तो इसमें कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन ऐसे कलाकार भी अपने पिता के नाम और विरासत का बोझ लेकर इंडस्ट्री में आते हैं।
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यश ने अपने सफर की तुलना सीढ़ी से करते हुए कहा कि आउटसाइडर्स के लिए पहली सीढ़ी ढूंढने में समय लग सकता है। लेकिन एक बार मौका मिल जाए तो आगे बढ़ना कलाकार की अपनी मेहनत पर निर्भर करता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके मामले में लोगों ने उन्हें उनकी मेहनत से भी ज्यादा आगे बढ़ाया है।
साउथ एक्टर्स से तुलना पर क्या बोले यश?
जब यश से राम चरण, अल्लू अर्जुन, जूनियर एनटीआर और महेश बाबू जैसे सितारों की तुलना में उनके पैन इंडिया स्टारडम को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इस तुलना को खारिज कर दिया। यश ने कहा कि सभी कलाकार अपनी जगह अच्छा काम कर रहे हैं और ‘स्टारडम’ या ‘पैन इंडिया स्टार’ जैसी चीजें सिर्फ टर्मिनोलॉजी हैं। असल मायने उस काम के हैं जो किसी कलाकार ने किया है और उसका दर्शकों पर कितना असर पड़ा है।
‘इस फ्राइडे स्टार हो, अगले फ्राइडे कुछ भी नहीं’
स्टारडम को लेकर यश ने कहा कि इंडस्ट्री में कुछ भी स्थायी नहीं है। उनके मुताबिक, एक शुक्रवार कोई स्टार हो सकता है और अगले शुक्रवार हालात पूरी तरह बदल सकते हैं। इसलिए किसी एक सफलता को लेकर बैठना सही नहीं है।
यश ने कहा कि हर कलाकार बहुत मेहनत करता है। आज किसी एक का नाम चर्चा में है तो अगले हफ्ते किसी और का हो सकता है। उनके लिए असली सवाल यह नहीं है कि कौन आगे है या पीछे, बल्कि यह है कि कौन लंबे समय तक टिक पाता है और लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाए रखता है।



