म्यूचुअल फंड शुरू करना हुआ आसान, SEBI ने सिंगल फॉर्म से खत्म किया आवेदन का झंझट

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने म्यूचुअल फंड उद्योग में कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए रजिस्ट्रेशन सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है। अब म्यूचुअल फंड और एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) के पंजीकरण के लिए एक ही संयुक्त आवेदन फॉर्म का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे पहले शुरुआती सैद्धांतिक मंजूरी और अंतिम रजिस्ट्रेशन के लिए अलग-अलग आवेदन करने पड़ते थे।
नए सिस्टम में स्पॉन्सर, स्वामित्व ढांचे, वित्तीय क्षमता, गवर्नेंस, अनुपालन व्यवस्था और प्रस्तावित AMC से जुड़ी जरूरी जानकारियां एक ही आवेदन में शामिल की जाएंगी। इससे आवेदन प्रक्रिया में दोहराव कम होगा और कंपनियों के लिए नियामकीय प्रक्रिया को पूरा करना आसान हो सकेगा।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में कम होगी कागजी कार्रवाई
SEBI के इस कदम से म्यूचुअल फंड क्षेत्र में नए आवेदकों के लिए मंजूरी की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है। एक ही आवेदन के जरिए जरूरी जानकारी उपलब्ध होने से कागजी कार्रवाई कम होगी और नियामकीय प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी हो सकेगी।
SEBI ने निवेशकों की सुरक्षा और कड़े अनुपालन मानकों को बनाए रखते हुए कारोबार करने में आसानी बढ़ाने की दिशा में यह बदलाव किया है। इससे म्यूचुअल फंड उद्योग में नए खिलाड़ियों की भागीदारी को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
लाइव ट्रेडिंग सलाह को लेकर निवेशकों को चेतावनी
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आसान करने के साथ ही SEBI ने सोशल मीडिया पर लाइव ट्रेडिंग के जरिए निवेश संबंधी सलाह देने वालों को लेकर निवेशकों को सावधान किया है। नियामक के मुताबिक, कुछ लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लाइव ट्रेडिंग के दौरान शेयर बाजार में निवेश और ट्रेड से जुड़ी वास्तविक समय की सलाह दे रहे हैं।
ऐसे लोगों में कुछ खुद को बाजार विशेषज्ञ बताते हैं और निवेशकों को खरीदने-बेचने का समय, ट्रेडिंग रणनीति और बाजार में संभावित स्थिति के बारे में सुझाव देते हैं। SEBI ने कहा है कि इनमें से कुछ गतिविधियां बिना पंजीकरण के निवेश सलाह देने के दायरे में आ सकती हैं।
नियामक ने निवेशकों से कहा है कि वे सोशल मीडिया पर मिलने वाली ऐसी सलाह के आधार पर निवेश संबंधी फैसले न लें। निवेश से जुड़ी सलाह के लिए केवल SEBI में पंजीकृत मध्यस्थों और सलाहकारों पर भरोसा करना चाहिए।
SEBI ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल निवेशक शिक्षा के नाम पर काम करने वाले व्यक्ति बाजार के ताजा आंकड़ों का इस्तेमाल करके भविष्य की कीमतों का संकेत या किसी सिक्योरिटी को खरीदने-बेचने की सिफारिश नहीं कर सकते। निवेशकों को सोशल मीडिया पर लाइव ट्रेडिंग सत्रों में किए जा रहे दावों से सावधान रहने और बाजार में लेनदेन करते समय उचित जांच-पड़ताल करने की सलाह दी गई है।



