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Chhattisgarh

वेदांता पावर ने स्वंत्रता दिवस पर भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई

रायपुर। भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के बीच वेदांता पावर लिमिटेड ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता दोहराई है। कंपनी ने घरेलू ईंधन की उपलब्धता, विश्वसनीय बिजली आपूर्ति और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया है।

वेदांता पावर की कुल बिजली उत्पादन क्षमता 4.78 गीगावॉट है। इसमें 4.18 गीगावॉट क्षमता फिलहाल संचालित है, जबकि 0.6 गीगावॉट क्षमता को संचालन में लाने की प्रक्रिया चल रही है। कंपनी की ताप विद्युत इकाइयां पंजाब, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में हैं।

कंपनी के अनुसार, उसकी करीब 74 प्रतिशत क्षमता लंबी और मध्यम अवधि के बिजली खरीद समझौतों से जुड़ी है। वहीं, संचालित क्षमता का करीब 85 प्रतिशत हिस्सा घरेलू कोयला आपूर्ति से जुड़ा हुआ है।

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घरेलू कोयले पर बढ़ा फोकस

वेदांता पावर की रणनीति में ईंधन सुरक्षा को अहम स्थान दिया गया है। कंपनी के अनुसार, उसके संचालन पोर्टफोलियो का करीब 85 प्रतिशत हिस्सा कोल इंडिया की सहायक कंपनियों महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के साथ दीर्घकालिक कोयला आपूर्ति समझौतों से जुड़ा है।

कंपनी आंध्र प्रदेश स्थित मीनाक्षी एनर्जी लिमिटेड के संयंत्र में आयातित कोयले की जगह घरेलू कोयले की ओर बढ़ रही है। इसका उद्देश्य आयात पर निर्भरता कम करना और वैश्विक ईंधन बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव के असर को सीमित करना है।

2033 तक 12 गीगावॉट क्षमता का लक्ष्य

वेदांता पावर ने वित्तीय वर्ष 2033 तक अपनी बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 12 गीगावॉट करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी का कहना है कि देश में चौबीसों घंटे विश्वसनीय बिजली की मांग बढ़ रही है, ऐसे में ताप विद्युत की भूमिका आने वाले समय में भी महत्वपूर्ण रहेगी।

कंपनी दीर्घकालिक विविधीकरण रणनीति के तहत परमाणु ऊर्जा, जलविद्युत और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों जैसे क्षेत्रों में भी संभावनाएं तलाश रही है।

विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान का दावा

वेदांता पावर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजिंदर सिंह आहूजा ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा आर्थिक स्वायत्तता और दीर्घकालिक विकास का आधार है। कंपनी घरेलू ईंधन आपूर्ति को मजबूत करने, निर्बाध बिजली उत्पादन और क्षमता विस्तार के जरिए देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध है।

वहीं, वेदांता पावर सक्ती थर्मल प्लांट के मुख्य प्रचालन अधिकारी देवेंद्र कुमार पटेल ने कहा कि सक्ती प्लांट में सुरक्षा और संचालन के उच्च मानकों को बनाए रखते हुए बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर काम किया जा रहा है।

कंपनी के मुताबिक, उत्पादन क्षमता के विस्तार और ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की उसकी योजना का उद्देश्य देश की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के साथ भारत की ऊर्जा सुरक्षा और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को मजबूत करना है।

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