बोर्ड परीक्षा में बेहतर रिजल्ट वाले 4 स्कूलों में बनेंगे मैथ्स पार्क, खेल-खेल में गणित सीखेंगे बच्चे

दुर्ग। गणित को बच्चों के लिए आसान, रोचक और व्यावहारिक बनाने की दिशा में दुर्ग जिले में नई पहल की जा रही है। जिले के चार शासकीय स्कूलों में मैथ्स पार्क विकसित किए जाएंगे। इन पार्कों में विद्यार्थी केवल किताबों और ब्लैकबोर्ड के जरिए गणित नहीं सीखेंगे, बल्कि खेल, मॉडल, पहेली और अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से गणितीय अवधारणाओं को समझेंगे। इसके लिए जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा की ओर से चार विद्यालयों का चयन कर प्रस्ताव 17 अगस्त को आयुक्त, राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा, रायपुर को भेजा गया है।
वार्षिक कार्ययोजना के तहत बनेगा मैथ्स पार्क
समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट 2026-27 के तहत प्रत्येक जिले में एक मैथ्स पार्क के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इसी क्रम में दुर्ग जिले के चार विद्यालयों का चयन किया गया है। स्कूलों के चयन के दौरान वहां उपलब्ध स्थान के साथ-साथ बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम को भी प्रमुख आधार बनाया गया।
चयनित चारों विद्यालय कक्षा 6वीं से 12वीं तक संचालित हैं। इन स्कूलों में मैथ्स पार्क के निर्माण के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध है। साथ ही बोर्ड परीक्षाओं में इनका प्रदर्शन भी बेहतर रहा है।
इन 4 स्कूलों में बनेगा मैथ्स पार्क
- शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अंजोरा ढाबा (आरएमएसए)
- सेजस दीपकनगर
- सेजस कुम्हारी
- सेजस जामगांव (एम.)
गणित को रटेंगे नहीं, समझेंगे
मैथ्स पार्क का सबसे बड़ा उद्देश्य विद्यार्थियों के मन से गणित का डर खत्म करना है। कई बार बच्चे गणित को कठिन विषय मानकर इससे दूरी बनाने लगते हैं। परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने के लिए वे सूत्र और नियम तो याद कर लेते हैं, लेकिन उनके पीछे का तर्क समझ नहीं पाते। ऐसे में सवाल का तरीका बदलने पर उन्हें परेशानी होती है।
मैथ्स पार्क में इसी तरीके को बदलने पर जोर दिया जाएगा। यहां बच्चों को गणित के नियम और सिद्धांत वास्तविक गतिविधियों से समझाने का प्रयास होगा। इससे विद्यार्थी यह समझ सकेंगे कि गणित केवल किताबों में दिए गए सवालों और फार्मूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका इस्तेमाल रोजमर्रा की जिंदगी में भी होता है।
झूले और खेल बताएंगे कोण और आकृतियों का गणित
मैथ्स पार्क में विभिन्न उपकरणों, मॉडल, झूलों और खेलों को गणित से जोड़ा जाएगा। इनके माध्यम से बच्चों को कोण, क्षेत्रफल, आकृति, दूरी और मापन जैसी अवधारणाएं समझाई जा सकती हैं।
उदाहरण के तौर पर किसी आकृति को केवल कॉपी में बनाकर समझाने के बजाय विद्यार्थी उसे वास्तविक मॉडल के जरिए देख और समझ सकेंगे। इसी तरह कोण और मापन को भी अलग-अलग गतिविधियों से जोड़कर समझाया जाएगा। इससे बच्चों के लिए गणित अधिक व्यावहारिक और दिलचस्प बन सकेगा।
संख्याओं से ज्यामिति तक होंगी गतिविधियां
मैथ्स पार्क में गणित की अलग-अलग शाखाओं को ध्यान में रखते हुए गतिविधियां विकसित की जाएंगी। इसमें संख्या ज्ञान, ज्यामिति, त्रिकोणमिति और मापन से संबंधित मॉडल और गतिविधियां शामिल हो सकती हैं। बच्चों को पहेलियों और खेलों के माध्यम से सवाल हल करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इस तरह की गतिविधियों से विद्यार्थियों में गणितीय तर्क, सोचने की क्षमता और समस्या का समाधान खोजने की क्षमता विकसित करने में मदद मिल सकती है। खासकर ऐसे विद्यार्थियों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें पारंपरिक कक्षा में गणित समझने में कठिनाई होती है।
क्या है मैथ्स पार्क?
मैथ्स पार्क एक ऐसा शैक्षणिक स्थान है, जहां गणितीय अवधारणाओं को मॉडल, खेल, पहेली और गतिविधियों के जरिए समझाया जाता है। इसका उद्देश्य बच्चों को गणित को केवल याद करने के बजाय उसे समझने और वास्तविक जीवन से जोड़ने का अवसर देना है।
दुर्ग जिले के इन चार स्कूलों में बनने वाले मैथ्स पार्क इसी सोच पर आधारित होंगे। इससे बच्चों में गणित को लेकर रुचि और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिल सकती है। साथ ही विद्यार्थी गणितीय सिद्धांतों को गतिविधियों के जरिए समझकर उन्हें रोजमर्रा की परिस्थितियों में इस्तेमाल करना भी सीख सकेंगे।



