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Chhattisgarh

बलौदाबाजार कलेक्टर का बड़ा एक्शन, ‘बने खाबो-बने रहिबो 2.0’ अभियान शुरू

7 दिन खाद्य कारोबारियों पर रहेगी पैनी नजर

बलौदाबाजार। रक्षाबंधन और त्योहारी सीजन को देखते हुए बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत ‘बने खाबो, बने रहिबो 2.0’ अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का मकसद लोगों को त्योहार के दौरान शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। अभियान के तहत पूरे जिले में अगले सात दिनों तक सघन जांच और जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

रक्षाबंधन के दौरान मिठाई, मावा, खोया, दूध, घी, ड्राई फ्रूट्स और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग अचानक बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं। इसे देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीमें अब जिलेभर में खाद्य कारोबारियों की दुकानों और प्रतिष्ठानों की जांच करेंगी।

मिठाई दुकानों से लेकर स्ट्रीट फूड तक जांच

अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें जिले के अलग-अलग हिस्सों में औचक निरीक्षण करेंगी। जांच के दायरे में सिर्फ मिठाई दुकानें ही नहीं, बल्कि कन्फेक्शनरी निर्माता, डेयरी, बेकरी, होटल, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड विक्रेता भी शामिल रहेंगे।

त्योहारी सीजन में सबसे ज्यादा बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखी जाएगी। टीमों द्वारा खाद्य पदार्थों में मिलावट, मिथ्याछाप, भ्रामक प्रस्तुतीकरण, असुरक्षित सामग्री और प्रतिबंधित डेयरी एनालॉग उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री की जांच की जाएगी।

जांच के दौरान अगर किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता संदिग्ध मिलती है तो उसका सैंपल लिया जाएगा। इसके बाद नमूने को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बिना लेबल की मिठाइयों पर भी नजर

त्योहारी सीजन में बाजार में कई तरह की मिठाइयां और खाद्य सामग्री खुले या बिना पर्याप्त जानकारी वाले पैकेट और डिब्बों में बेची जाती हैं। प्रशासन ने ऐसी खाद्य सामग्री को भी जांच के दायरे में रखा है।

खासकर प्लास्टिक के जार या डिब्बों में बिना लेबल बिकने वाली मिठाइयों पर नजर रखी जाएगी। खाद्य पैकेट या सामग्री पर निर्माता का नाम, संघटक सामग्री और जरूरी लेबलिंग जानकारी का होना महत्वपूर्ण है।

भ्रामक नाम से बेची जा रही खाद्य सामग्री की भी जांच की जाएगी। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि ग्राहक को किसी उत्पाद के बारे में गलत जानकारी देकर उसकी बिक्री न की जाए।

डेयरी एनालॉग की बिक्री पर भी सख्ती

प्रशासन की ओर से अमानकीकृत डेयरी एनालॉग और ऐसे गैर-दुग्ध उत्पादों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है, जो देखने में असली दूध या दुग्ध उत्पाद जैसे दिखाई देते हैं। ऐसे उत्पादों से ग्राहकों को वास्तविक दुग्ध उत्पाद होने का भ्रम हो सकता है।

जांच टीमों द्वारा ऐसे संदिग्ध उत्पादों के नमूने लिए जाएंगे और उनकी गुणवत्ता की जांच कराई जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

उपभोक्ताओं को भी सतर्क रहने की सलाह

खाद्य विभाग ने सिर्फ कारोबारियों को ही नहीं, बल्कि आम लोगों को भी खरीदारी के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के समय मिठाइयों और अन्य खाद्य सामग्री की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में ग्राहकों को बिना जांचे-परखे खाद्य सामग्री नहीं खरीदनी चाहिए।

पैकेटबंद खाद्य सामग्री खरीदते समय लेबल, निर्माण तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि और अन्य जरूरी जानकारी जरूर देखनी चाहिए। इसके अलावा खरीदारी का बिल भी लेना चाहिए, ताकि किसी तरह की शिकायत होने पर कार्रवाई में मदद मिल सके।

खुली मिठाइयां खरीदते समय भी उनकी गुणवत्ता, रंग, गंध और साफ-सफाई पर ध्यान देना जरूरी है।

इन खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका

त्योहारी सीजन में कुछ खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका ज्यादा रहती है। इनमें सबसे पहले खोया और मावा शामिल हैं। इनमें स्टार्च, मैदा, सिंथेटिक दूध या अन्य घटिया सामग्री मिलाए जाने की आशंका रहती है।

इसी तरह मिठाइयों को ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए प्रतिबंधित या हानिकारक रंगों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। चांदी के वर्क में भी असली चांदी की जगह सस्ती धातु की पन्नी के इस्तेमाल की आशंका रहती है।

तेल और घी में भी सस्ते विकल्पों का गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं ड्राई फ्रूट्स में पुराने, खराब या निम्न गुणवत्ता वाले काजू, बादाम और मखाने मिलाए जाने की संभावना रहती है।

इसलिए त्योहार के दौरान खाद्य सामग्री खरीदते समय सिर्फ कीमत और दिखावट पर भरोसा न करते हुए गुणवत्ता और पैकेजिंग की जानकारी जरूर देखनी चाहिए।

मिलावट मिली तो सीधे होगी वैधानिक कार्रवाई

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जांच में यदि किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट, अमानकता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत वैधानिक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य कारोबारियों को खाद्य पदार्थों का निर्माण और विक्रय निर्धारित स्वच्छता और गुणवत्ता मानकों के अनुसार करने के निर्देश दिए गए हैं। बिना खाद्य पंजीयन या लाइसेंस संचालित होने वाले अस्थायी स्टॉल भी जांच के दायरे में रहेंगे।

इसके अलावा शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण हाट-बाजारों तक संदिग्ध मिठाइयों और खाद्य सामग्री की सप्लाई चेन पर भी निगरानी रखी जा रही है।

सात दिन तक चलेगा विशेष अभियान

‘बने खाबो, बने रहिबो 2.0’ अभियान के जरिए प्रशासन का फोकस सिर्फ कार्रवाई पर नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करने पर भी है। अगले सात दिनों तक जिले में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच के साथ आम लोगों को सुरक्षित खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल और खरीदारी को लेकर जागरूक किया जाएगा।

रक्षाबंधन जैसे बड़े त्योहार से पहले शुरू किए गए इस अभियान से उम्मीद है कि मिलावटखोरों पर लगाम लगेगी और लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सकेगी। प्रशासन ने खाद्य कारोबारियों से नियमों का पालन करने और उपभोक्ताओं से खरीदारी के दौरान सतर्क रहने की अपील की है।

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Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

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