छत्तीसगढ़ में PWD को 12,666 करोड़ से अधिक के 1,572 कामों की मंजूरी, जल्द लागू होगा WAMIS- अरुण साव

रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों, उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2023 से अब तक विभाग को 12,666 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 1,572 निर्माण कार्यों के लिए प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। इनमें सड़क, पुल और भवन निर्माण से जुड़े काम शामिल हैं।
25 साल में सबसे ज्यादा स्वीकृति
अरुण साव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 लोक निर्माण विभाग के लिए ऐतिहासिक रहा। इस दौरान विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए 9,129 करोड़ 18 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिली। यह राज्य गठन के बाद पिछले 25 वर्षों में विभाग को मिली सबसे बड़ी स्वीकृति है।
इस अवधि में 5,129.60 किलोमीटर लंबाई की 754 सड़कों, 200 पुलों और 39 भवनों समेत कुल 993 कार्यों को मंजूरी दी गई।
वहीं, वित्तीय वर्ष 2023-24 में दिसंबर 2023 से मार्च 2024 तक 551 करोड़ 42 लाख रुपये के 80 कार्यों को मंजूरी मिली। इनमें 72 सड़कें, 6 पुल और 2 भवन शामिल हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2,590 करोड़ 70 लाख रुपये लागत के 438 कार्य स्वीकृत किए गए।
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 10 अगस्त तक विभाग को 608 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति मिल चुकी है। इसमें 608.20 किलोमीटर लंबाई की 59 सड़कें और 2 पुल शामिल हैं।
ढाई साल में खुले 7 नए संभागीय कार्यालय
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि निर्माण कार्यों में तेजी लाने के साथ विभागीय प्रशासन को भी मजबूत किया गया है। पिछले ढाई वर्षों में 7 नए संभागीय और 12 नए उप संभागीय कार्यालय शुरू किए गए हैं। इससे निर्माण कार्यों की निगरानी और स्वीकृत परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है।
विभाग में लंबित अनुकंपा नियुक्ति के मामलों का निराकरण भी प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है।
जल्द लागू होगा WAMIS सिस्टम
लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए जल्द ही WAMIS (Work and Accounts Monitoring Integration System) लागू किया जाएगा।
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इस प्रणाली के जरिए डीपीआर तैयार करने से लेकर कार्यों की स्वीकृति और अन्य विभागीय प्रक्रियाओं को ऑनलाइन और एकीकृत किया जाएगा। इससे प्रक्रियाओं में लगने वाला समय कम होगा और निर्माण कार्यों को तेजी से जमीन पर उतारने में मदद मिलेगी।
अरुण साव ने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से विभागीय कामकाज में पारदर्शिता, गुणवत्ता और निगरानी बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि “लोक निर्माण से छत्तीसगढ़ निर्माण” के मूलमंत्र के साथ प्रदेश में अधोसंरचना विकास को नई गति देने का काम जारी है।



