अदाणी की क्लाइंट कंपनी ने चुकाया कर्ज, शेयर में जोरदार रिटर्न

दिल्ली। Adani एनर्जी समेत कई बड़ी कंपनियों की क्लाइंट कंपनी डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर ने बड़ा मुकाम हासिल किया है। वडोदरा स्थित पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के तहत चल रही इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) रिजॉल्यूशन प्रक्रिया से सफलतापूर्वक बाहर निकलने में कामयाबी हासिल की है। कंपनी ने अपने पुराने लेंडर्स का कर्ज तय समय से पहले चुकाकर यह उपलब्धि हासिल की है।
कंपनी ने पुराने लेंडर्स को करीब ₹501 करोड़ कैश और ₹1,900 करोड़ के 30 साल की अवधि वाले बॉन्ड का समय से पहले भुगतान किया है। इस तरह रिजॉल्यूशन प्लान के तहत तय वित्तीय दायित्वों को पूरा कर कंपनी ने IBC प्रक्रिया से बाहर निकलने का रास्ता साफ किया।
2027 तक होना था अंतिम सेटलमेंट
डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर का फाइनल सेटलमेंट 30 सितंबर 2027 तक पूरा होना था। हालांकि कंपनी के प्रमोटरों ने लेंडर्स की ओर से उपलब्ध कराए गए प्रीपेमेंट डिस्काउंट का फायदा उठाया और निर्धारित समय से काफी पहले ही बकाया दायित्वों का निपटारा कर दिया।
कंपनी की ओर से रिजॉल्यूशन प्लान के तहत निर्धारित शर्तों को पूरा करने के बाद यह प्रक्रिया पूरी हुई। समय से पहले कर्ज चुकाने से कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत होने और कारोबार पर कर्ज का दबाव कम होने की उम्मीद है।
DIACABS ब्रांड के तहत कारोबार
डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर DIACABS ब्रांड के तहत कारोबार करती है। कंपनी कंडक्टर, केबल और ट्रांसमिशन टावर के निर्माण के साथ इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) से जुड़ी सेवाएं भी देती है।
कंपनी ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन यानी T&D सेक्टर के लिए अलग-अलग तरह के समाधान उपलब्ध कराती है। इसका कारोबार देश के 16 राज्यों तक फैला हुआ है। कंपनी के पास कंडक्टर और केबल के उत्पादन की बड़ी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता भी है।
इसके इंस्टॉल्ड कैपेसिटी में 11 kV से लेकर 765 kV HVDC लाइनों तक इस्तेमाल होने वाले कंडक्टर का उत्पादन शामिल है। वहीं 1.1 kV लो वोल्टेज से लेकर 220 kV और उससे ज्यादा एक्स्ट्रा-हाई वोल्टेज केबल के निर्माण की क्षमता भी कंपनी के पास है।
Adani एनर्जी और ABB जैसी कंपनियां क्लाइंट
डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर की सप्लाई चेन में पावर और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कई बड़ी कंपनियां शामिल हैं। इनमें Adani एनर्जी, ABB, टेक्समैको और सर्वो टेक जैसे नाम बताए गए हैं।
पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ते निवेश के बीच कंपनी के कारोबार को भी इसका फायदा मिलने की उम्मीद है। IBC प्रक्रिया से बाहर निकलने के बाद कंपनी के लिए नए कारोबारी अवसरों पर ध्यान केंद्रित करना आसान हो सकता है।
शेयर ने 5 साल में करीब 394% रिटर्न दिया
डायमंड पावर इंफ्रास्ट्रक्चर का शेयर बाजार में भी निवेशकों के लिए चर्चा में रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी के शेयर ने पिछले 5 साल में करीब 393.57% रिटर्न दिया है।
रिपोर्ट के मुताबिक शेयर करीब ₹356.35 के स्तर पर कारोबार कर रहा था और कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹21,312 करोड़ था। वहीं एक साल की अवधि में शेयर ने करीब 138.42% रिटर्न दिया है।
हालांकि शेयर में तेज बढ़त के बावजूद निवेशकों को कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन, कर्ज की स्थिति, कारोबार की वृद्धि और बाजार में उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखकर ही निवेश संबंधी फैसला करना चाहिए। IBC प्रक्रिया से बाहर निकलना कंपनी के लिए सकारात्मक घटनाक्रम है, लेकिन इससे भविष्य के शेयर रिटर्न की कोई गारंटी नहीं मिलती।



