पत्रकार से मारपीट के विरोध में खैरागढ़ में प्रदर्शन, आरोपी CAF जवान निलंबित

खैरागढ़। खैरागढ़ में पत्रकार के साथ मारपीट का मामला सामने आने के बाद जिले के पत्रकारों में आक्रोश फैल गया। वरिष्ठ पत्रकार किशोर सोनी के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित मारपीट के विरोध में पत्रकारों ने फतेह सिंह मैदान के मुख्य गेट पर करीब दो घंटे तक धरना दिया। प्रदर्शनकारी दोषी जवान के तत्काल निलंबन और कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। आखिरकार संबंधित CAF जवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इसके बाद कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल भी मौके पर पहुंचे और पत्रकारों से चर्चा कर उनकी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
सरस मेले की कवरेज के दौरान हुई घटना
पूरा मामला जिला प्रशासन की ओर से आयोजित तीन दिवसीय सरस मेले की कवरेज के दौरान का है। जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह गौर के मुताबिक, वरिष्ठ पत्रकार किशोर सोनी कार्यक्रम की कवरेज के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान वे अपनी बाइक साइड कर रहे थे, तभी पुलिसकर्मियों ने उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद पत्रकारों में नाराजगी फैल गई। इसके बाद जिले के पत्रकार एकजुट होकर फतेह सिंह मैदान के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। उनकी प्रमुख मांग थी कि मारपीट में शामिल जवान को तत्काल निलंबित किया जाए।
एसपी के संज्ञान के बाद CAF जवान निलंबित
मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से रूपेश कुमार डांडे ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही एसपी ने तत्काल संज्ञान लिया। संबंधित CAF जवान के खिलाफ कमांडेंट के माध्यम से निलंबन की कार्रवाई की गई है। साथ ही मामले की प्राथमिक जांच भी शुरू करा दी गई है। जांच आगे बढ़ने पर नियमानुसार कार्रवाई की जानकारी दी जाएगी।
पुरानी मांगों और ज्ञापनों पर भी कार्रवाई की मांग
जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह गौर ने बताया कि पत्रकार करीब दो घंटे तक धरने पर बैठे रहे। उन्होंने कहा कि जिला पत्रकार संघ पहले भी स्थानीय समस्याओं और प्रशासनिक मामलों को लेकर कई ज्ञापन सौंप चुका है, लेकिन उन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
गौर ने सवाल उठाया कि जब पत्रकार संघ के ज्ञापनों पर ही कार्रवाई नहीं होती, तो आम नागरिकों की शिकायतों पर प्रशासन कितना गंभीर होता होगा? उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने अपनी पुरानी मांगों पर भी तत्काल कार्रवाई की मांग रखी।
मौके पर पहुंचे कलेक्टर, दिया आश्वासन
काफी देर बाद कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की और उनकी पुरानी मांगों तथा पहले सौंपे गए ज्ञापनों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
करीब दो घंटे चले विरोध प्रदर्शन के बाद संबंधित CAF जवान को निलंबित कर दिया गया और मामले की प्राथमिक जांच शुरू कर दी गई। इस घटना ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों के व्यवहार, पत्रकारों की सुरक्षा और जिला स्तर पर लंबित शिकायतों पर प्रशासन की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच में सामने आने वाले तथ्यों और पत्रकारों की पुरानी मांगों पर प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी।




