छत्तीसगढ़ के मौसम पर बड़ा अपडेट, बंगाल की खाड़ी में उठा मुरासु तूफान, इन इलाकों में बारिश का यलो अलर्ट

एक सप्ताह के भीतर बंगाल की खाड़ी में यह दूसरा चक्रवाती सिस्टम है। इससे पहले चक्रवात अर्नब के कारण छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश हुई थी। बारिश और तेज हवाओं से किसानों की धान की फसल को नुकसान पहुंचा था। अब नए चक्रवात मुरासु की सक्रियता ने एक बार फिर किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ मुरासु चक्रवात
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के आसपास कम दबाव का क्षेत्र विकसित हुआ था। धीरे-धीरे यह अवदाब और फिर गहरे अवदाब में बदल गया। इसके बाद यह मुरासु चक्रवात के रूप में विकसित हुआ है।
अनुमान के मुताबिक, यह तूफान पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 3 नवंबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंच सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की आशंका है। वहीं हवा के तेज झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
चक्रवात का सीधा असर तटीय क्षेत्रों में अधिक देखने को मिल सकता है, लेकिन इससे जुड़े मौसमी सिस्टम के कारण छत्तीसगढ़ में भी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
छत्तीसगढ़ में 2 और 3 नवंबर को यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश में 2 और 3 नवंबर को बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी भी दी गई है। कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
रायपुर में भी बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी होने की संभावना है। मौसम में नमी बने रहने के कारण प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की आवाजाही जारी रह सकती है।
पिछले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। वहीं एक-दो स्थानों पर भारी वर्षा हुई। जशपुर जिले के मनोरा में सबसे ज्यादा 70 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। कुनकुरी और बलरामपुर जिले के कुसमी में 50-50 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।
बारिश के बाद बढ़ सकता है तापमान
प्रदेश में बारिश और बादलों के बीच तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में छत्तीसगढ़ के अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है।
यानी बारिश और बादलों से मिलने वाली राहत के बाद दिन के तापमान में फिर तेजी आ सकती है। शनिवार को जगदलपुर में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं दुर्ग में न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
राजधानी रायपुर की बात करें तो शनिवार को यहां अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम था। वहीं न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.3 डिग्री अधिक रहा। रविवार को रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 30 और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया गया था।
चक्रवात अर्नब से धान की फसल को हुआ था नुकसान
बंगाल की खाड़ी में लगातार बन रहे चक्रवाती सिस्टम का असर छत्तीसगढ़ के किसानों पर भी पड़ रहा है। इससे पहले चक्रवात अर्नब के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवा चली थी। इसका असर खेतों में खड़ी और कटाई के बाद रखी धान की फसल पर पड़ा था।
किसानों को डर है कि अगर नए चक्रवात मुरासु के प्रभाव से फिर तेज बारिश होती है, तो फसल को दोबारा नुकसान हो सकता है। खासकर जिन किसानों की धान की कटाई हो चुकी है और फसल खेतों या खुले स्थानों पर रखी हुई है, उन्हें बारिश से परेशानी हो सकती है।
बारिश के कारण धान में नमी बढ़ने की आशंका रहती है। इससे खरीदी केंद्रों में निर्धारित नमी मानक के अनुसार धान बेचने में दिक्कत आ सकती है। ऐसे में मौसम का यह बदलाव किसानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
गरज-चमक और बिजली गिरने को लेकर सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। आकाशीय बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित पक्के स्थान पर रहना बेहतर है।
फिलहाल छत्तीसगढ़ में 2 और 3 नवंबर को बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। वहीं बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मुरासु चक्रवात की दिशा और तीव्रता पर मौसम विभाग की नजर बनी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश के मौसम में और बदलाव देखने को मिल सकता है।



