विदेशी निवेशकों की खरीदारी से शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 500 अंक उछला; निफ्टी 23,550 के पार

भारतीय शेयर बाजार में 3 नवंबर को कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों के बावजूद निवेशकों की खरीदारी से सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 445.10 अंक यानी 0.59 फीसदी की बढ़त के साथ 76,137.88 पर खुला। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 104.45 अंक यानी 0.45 फीसदी चढ़कर 23,545.25 के स्तर पर पहुंचा। शुरुआती कारोबार के कुछ ही मिनटों में सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा उछल गया, जबकि निफ्टी 23,550 के पार निकल गया।
1601 शेयरों में तेजी, इंडिगो और इंफोसिस में उछाल
शुरुआती कारोबार में बाजार में खरीदारी का माहौल रहा। इस दौरान करीब 1601 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 753 शेयर गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। वहीं, 166 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
प्रमुख शेयरों में इंडिगो (इंटरग्लोब एविएशन) और इंफोसिस के भाव में 2 फीसदी तक की बढ़त देखने को मिली। निफ्टी के टॉप गेनर्स में इंटरग्लोब एविएशन, श्रीराम फाइनेंस, HDFC बैंक, बजाज फाइनेंस और एशियन पेंट्स शामिल रहे।
इन शेयरों में रही गिरावट
बाजार में तेजी के बावजूद कुछ बड़ी कंपनियों के शेयर दबाव में रहे। गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में NTPC, सिप्ला, रिलायंस इंडस्ट्रीज, कोल इंडिया और JSW स्टील शामिल रहे।
कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में पिछले कारोबारी सत्र की बड़ी गिरावट के बाद स्थिरता देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड करीब 105 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता रहा। पिछले सत्र में इसकी कीमतों में लगभग 7 फीसदी की गिरावट आई थी।
ईरान और कतर के बीच मध्यस्थता के जरिए चल रही बातचीत से अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद जगी है। हालांकि, क्षेत्र में जारी घटनाक्रम के कारण भू-राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है।
विदेशी निवेशकों ने बाजार में लगाए 31,150 करोड़ रुपये
शेयर बाजार में तेजी की एक बड़ी वजह विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की खरीदारी रही। उपलब्ध अनंतिम आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध रूप से 31,150 करोड़ रुपये का निवेश किया।
इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने मुनाफावसूली की। उन्होंने इस दौरान 3,920 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। विदेशी निवेशकों की मजबूत खरीदारी से बाजार को सहारा मिला और प्रमुख सूचकांकों में तेजी दर्ज की गई।



