राहुल गांधी ने PM मोदी को फिर दी खुली बहस की चुनौती, विदेशी कनेक्शन और अमेरिकी डील पर उठाए सवाल

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को एक वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर खुली बहस की चुनौती दी है। करीब 1 मिनट 50 सेकंड के इस वीडियो में राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री को किसी भी मंच और स्थान पर उनके साथ बहस करनी चाहिए। उन्होंने विदेशी ताकतों से कथित संबंधों, आर्थिक व्यवस्था, अमेरिकी समझौते और अडानी मामले सहित कई मुद्दों पर चर्चा करने की बात कही।
वीडियो में राहुल गांधी कहते हैं, “मोदी जी, 24 घंटे बीत चुके हैं। मैंने आपको चुनौती दी है। आप कहते हैं कि विपक्ष में देशद्रोही हैं। कोई भी मंच चुन लीजिए, जगह आप तय करें और मुझसे बहस कीजिए।”
उन्होंने आगे सवाल उठाया कि असली देशद्रोही कौन है और विदेशी ताकतों से किसके संबंध हैं। राहुल ने कहा कि बहस में मीडिया और देश के युवा भी मौजूद रहें, ताकि सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा हो सके।
अमेरिकी समझौते और अडानी मामले पर भी बहस की मांग
राहुल गांधी ने प्रस्तावित बहस के मुद्दों में देश की वित्तीय व्यवस्था और आर्थिक ढांचे को शामिल किया। उन्होंने अमेरिकी समझौते को लेकर सवाल उठाए कि यह कैसे और क्यों हुआ, इसे इतनी जल्दी क्यों लागू किया गया और कैबिनेट को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई।
इसके अलावा उन्होंने अडानी मामले और जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की मांग की। राहुल ने कहा कि इन सभी विषयों पर खुलकर बातचीत होनी चाहिए और सच सामने आना चाहिए।
मानहानि के मुकदमों का भी किया जिक्र
राहुल गांधी ने वीडियो में अपने खिलाफ दर्ज मानहानि के मामलों का जिक्र करते हुए दावा किया कि उन पर करीब 45 मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को चुनौती दी कि यदि विदेशी संबंधों को लेकर उनके आरोपों पर आपत्ति है, तो इस मुद्दे पर भी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि इस पर खुलकर चर्चा हो सके। वीडियो के अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री को दिवाली की शुभकामनाएं भी दीं।
अमित शाह ने राहुल गांधी को दी बहस की चुनौती
इधर, मंगलवार को रायपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने नकली संसद बनाकर असली संसद का मजाक उड़ाया है और चर्चा का दिखावा कर रहे हैं।
अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए संसद को चलने देना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाने को भी तैयार है।
शाह ने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो देश की जनता के सामने चर्चा करें। उन्होंने कहा कि केवल संविधान की प्रति लेकर घूमने से संविधान के प्रति समर्थन साबित नहीं होता, बल्कि व्यक्ति का आचरण भी संवैधानिक होना चाहिए।
इस तरह राहुल गांधी की खुली बहस की चुनौती और अमित शाह के जवाब के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।



