नवरात्र में डोंगरगढ़ आने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा नया अनुभव, मां बम्लेश्वरी मंदिर की थीम पर संवरा रेलवे स्टेशन

डोंगरगढ़ : छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को इस बार रेलवे स्टेशन पर भी नया अनुभव मिलने वाला है। भारतीय रेलवे की अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन का कायाकल्प किया गया है। स्टेशन को मां बम्लेश्वरी मंदिर की थीम पर आकर्षक रूप दिया गया है। यहां की बाहरी इमारत से लेकर मुख्य प्रवेश द्वार तक में मंदिर की पारंपरिक वास्तुकला और क्षेत्र की धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी।
नवरात्र के दौरान हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए डोंगरगढ़ पहुंचते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले भक्तों के लिए डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन महत्वपूर्ण पड़ाव है। ऐसे में स्टेशन का नया स्वरूप यात्रियों के स्वागत को और खास बनाएगा। स्टेशन परिसर को केवल सुंदर ही नहीं बनाया गया है, बल्कि यात्रियों की सुविधा और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक व्यवस्थाएं भी विकसित की गई हैं।
मां बम्लेश्वरी मंदिर की तर्ज पर तैयार किया गया स्टेशन
डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन को क्षेत्र की धार्मिक पहचान से जोड़ने के उद्देश्य से इसका पुनर्विकास मां बम्लेश्वरी मंदिर की थीम पर किया गया है। स्टेशन की बाहरी इमारत और मुख्य प्रवेश द्वार की डिजाइन मां बम्लेश्वरी मंदिर की पहाड़ियों और पारंपरिक वास्तुकला से प्रेरित है। इससे स्टेशन को एक अलग और आकर्षक पहचान मिली है।
डोंगरगढ़ की पहचान देशभर में मां बम्लेश्वरी शक्तिपीठ के रूप में है। यहां स्थित मंदिर में नवरात्र के दौरान विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। स्टेशन की डिजाइन में स्थानीय धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को शामिल करने से यात्रियों को स्टेशन पहुंचते ही डोंगरगढ़ की पहचान और परंपरा का एहसास होगा।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ-साथ स्थानीय संस्कृति और विरासत के अनुरूप विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। डोंगरगढ़ स्टेशन इसका एक उदाहरण बनकर सामने आया है।
यात्रियों के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर और चौड़ा फुट ओवर ब्रिज
स्टेशन के पुनर्विकास में यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए कई सुविधाएं विकसित की गई हैं। स्टेशन पर चौड़े फुट ओवर ब्रिज का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक लिफ्ट और एस्केलेटर भी लगाए गए हैं।
इन सुविधाओं से बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और सामान लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को प्लेटफॉर्म तक पहुंचने में आसानी होगी। खासतौर पर नवरात्र जैसे अवसरों पर जब स्टेशन पर यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है, तब ऐसी व्यवस्थाएं काफी उपयोगी साबित हो सकती हैं।
स्टेशन परिसर में दोपहिया, चारपहिया और तीनपहिया वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग व्यवस्था भी की गई है। पार्किंग क्षेत्र में आधुनिक पॉलीकार्बोनेट शेड बनाए गए हैं, जिससे वाहन धूप और बारिश से सुरक्षित रह सकेंगे। इससे स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों और उन्हें छोड़ने या लेने आने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी।
दिव्यांग यात्रियों के लिए अलग टिकट काउंटर
डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास में दिव्यांग यात्रियों की जरूरतों का भी विशेष ध्यान रखा गया है। इनके लिए अलग टिकट काउंटर तैयार किया गया है, ताकि टिकट लेने के दौरान उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
इसके अलावा स्टेशन के अंदर यात्रियों की श्रेणी के अनुसार फर्स्ट क्लास और सेकंड क्लास वेटिंग हॉल बनाए गए हैं। इन व्यवस्थाओं से ट्रेन का इंतजार करने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
स्टेशन परिसर में महिलाओं, पुरुषों और दिव्यांगजनों के लिए अलग-अलग आधुनिक शौचालयों की व्यवस्था भी की गई है। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म और स्टेशन के मुख्य मार्ग तक पहुंचने वाली सड़क को भी दुरुस्त किया गया है। परिसर में बारिश के पानी की निकासी के लिए नालियों का निर्माण कराया गया है, जिससे जलभराव की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
उद्यान और आर्टवर्क से बढ़ी स्टेशन की खूबसूरती
डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन को आकर्षक बनाने के लिए परिसर में हरियाली पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। यहां हरी घास और सुंदर पौधों के माध्यम से उद्यान विकसित किया गया है। इससे स्टेशन परिसर का वातावरण अधिक सुंदर और व्यवस्थित दिखाई देगा।
स्टेशन पर लगाए गए आर्टवर्क के जरिए डोंगरगढ़ क्षेत्र के इतिहास, संस्कृति और पुरानी विरासत को प्रदर्शित किया गया है। इस तरह स्टेशन की सजावट में स्थानीय पहचान को भी जगह दी गई है। वहीं स्टेशन भवन में पॉलीकार्बोनेट और एसीपी का काम कर इसे आधुनिक और आकर्षक स्वरूप दिया गया है।
इसका उद्देश्य यात्रियों को केवल एक बेहतर रेलवे स्टेशन उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि डोंगरगढ़ पहुंचने पर उन्हें यहां की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से भी परिचित कराना है।
नवरात्र में श्रद्धालुओं के लिए खास होगा नया स्टेशन
डोंगरगढ़ में नवरात्र के दौरान मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में रेलवे स्टेशन पर बेहतर यात्री सुविधाएं और आकर्षक धार्मिक थीम भक्तों के सफर को खास बना सकती हैं। स्टेशन पर लिफ्ट, एस्केलेटर, पार्किंग, वेटिंग हॉल और दिव्यांगों के लिए अलग टिकट काउंटर जैसी सुविधाएं यात्रियों की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेंगी।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हुआ यह पुनर्विकास डोंगरगढ़ की धार्मिक पहचान और आधुनिक रेलवे सुविधाओं के मेल को दर्शाता है। अब मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को स्टेशन पर उतरते ही मंदिर की वास्तुकला और स्थानीय संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। इससे डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन की पहचान भी पहले से अधिक खास और आकर्षक होगी।



