चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ FIR की मांग पर सुनवाई टली, अब 16 नवंबर को होगी अगली सुनवाई

रोहिणी घावरी ने चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ शादी का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, मानसिक और भावनात्मक शोषण तथा धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस मामले में FIR दर्ज करने की मांग करते हुए अदालत का रुख किया है। हालांकि, अब तक इस शिकायत के आधार पर FIR दर्ज नहीं हुई है। दिल्ली पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जज के छुट्टी पर होने से टली सुनवाई
चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली शिकायत पर राउज एवेन्यू कोर्ट में 2 नवंबर को सुनवाई होनी थी। लेकिन संबंधित जज के छुट्टी पर होने के कारण सुनवाई टल गई। अब इस मामले में 16 नवंबर को अगली सुनवाई होगी।
इससे पहले हुई सुनवाई में अदालत ने दिल्ली पुलिस को जांच पूरी करने के लिए 2 नवंबर तक का समय दिया था। कोर्ट ने पुलिस को शिकायत से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने के निर्देश दिए थे।
पिछली सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से बताया गया था कि मामले की जांच जारी है। हालांकि, जांच के दौरान संबंधित बैंक खातों की जानकारी अब तक नहीं मिल सकी थी। इसके बाद अदालत ने पुलिस को अतिरिक्त समय दिया था।
रोहिणी घावरी ने लगाए हैं गंभीर आरोप
यह शिकायत डॉ. रोहिणी घावरी की ओर से की गई है। रोहिणी दलित कार्यकर्ता और पीएचडी स्कॉलर हैं। उन्होंने जुलाई 2025 में चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ शिकायत देकर FIR दर्ज करने की मांग की थी।
शिकायत में रोहिणी ने आरोप लगाया है कि चंद्रशेखर आजाद ने उन्हें शादी का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। इसके अलावा उन्होंने मानसिक और भावनात्मक शोषण तथा धोखाधड़ी के आरोप भी लगाए हैं। ये सभी आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं और मामले में अदालत की ओर से इन पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया गया है।
रोहिणी का दावा है कि स्विट्जरलैंड में पढ़ाई के दौरान वर्ष 2021 के आसपास उनकी चंद्रशेखर आजाद से बातचीत शुरू हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच करीब तीन साल तक रिश्ता रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि चंद्रशेखर आजाद के सांसद बनने के बाद उनके व्यवहार में बदलाव आया और उन्होंने उनसे दूरी बना ली।
FIR दर्ज कराने के लिए कोर्ट पहुंचीं रोहिणी
रोहिणी घावरी का कहना है कि उनकी शिकायत के बावजूद अब तक FIR दर्ज नहीं की गई है। इसी वजह से उन्होंने अदालत में शिकायत देकर पुलिस को FIR दर्ज करने का निर्देश देने की मांग की है।
इस मामले में पिछली सुनवाई के दौरान रोहिणी की ओर से पेश वकील ने जांच में हो रही देरी पर सवाल उठाए थे। वकील का कहना था कि जुलाई 2025 में शिकायत दिए जाने के बावजूद अब तक FIR दर्ज नहीं हुई है। उन्होंने मामले की जांच में तेजी लाने की मांग भी की थी।
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में क्या बताया?
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया था कि शिकायत से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। पुलिस की ओर से यह भी बताया गया कि मामले में ट्रैवल डेटा सहित अन्य जानकारियां जुटाने की प्रक्रिया जारी है।
पुलिस ने संबंधित बैंक खातों की जानकारी नहीं मिलने की बात भी अदालत के सामने रखी थी। इसके बाद कोर्ट ने जांच पूरी करने के लिए 2 नवंबर तक का समय दिया था। अब सुनवाई टलने के कारण मामले में अगली प्रगति पर 16 नवंबर को चर्चा होने की संभावना है।
अब 16 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
फिलहाल चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग से जुड़े इस मामले में सुनवाई टल गई है। अदालत ने अगली तारीख 16 नवंबर तय की है। इस दिन दिल्ली पुलिस की जांच और शिकायत से जुड़े पहलुओं पर आगे सुनवाई हो सकती है।
अब सभी की नजर अगली सुनवाई पर रहेगी, जहां यह देखा जाएगा कि पुलिस की जांच में कितनी प्रगति हुई है और अदालत इस मामले में आगे क्या निर्देश देती है। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों पर कोई अंतिम न्यायिक फैसला नहीं आया है।



