Follow Us on Our Social Media
BilaspurChhattisgarh

कर्मचारियों की मांगों पर आक्रोश, शीतकालीन विधानसभा सत्र में रैली निकालने की तैयारी

महंगाई भत्ता, वेतनवृद्धि और पेंशन के मुद्दे पर तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने उठाई आवाज; मांगें पूरी नहीं होने पर अन्य संगठनों के साथ करेगा प्रदर्शन

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों और शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। बिलासपुर के कर्मचारी भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में संघ ने महंगाई भत्ता, अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त सहायक ग्रेड-3 कर्मचारियों की वेतनवृद्धि, शिक्षकों की टीईटी परीक्षा और एलबी संवर्ग के शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से सेवा गणना कर पेंशन का लाभ देने की मांग उठाई।

संघ का कहना है कि कर्मचारियों को केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता देने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन राज्य सरकार ने एक जनवरी 2026 के बजाय एक नवंबर 2026 से दो प्रतिशत महंगाई भत्ता देने की घोषणा की है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी है। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगों का निराकरण नहीं होने पर शीतकालीन विधानसभा सत्र के दौरान अन्य कर्मचारी संगठनों के साथ मिलकर आक्रोश रैली निकाली जाएगी।

अनुकंपा नियुक्ति वाले कर्मचारियों की वेतनवृद्धि का मुद्दा उठाया

संघ के प्रांताध्यक्ष पवन कुमार शर्मा ने कहा कि वर्ष 2013 से 2023 के बीच अनुकंपा नियुक्ति के जरिए सहायक ग्रेड-3 के पद पर आए कर्मचारियों के लिए कौशल परीक्षा उत्तीर्ण करने की शर्त रखी गई थी। हालांकि, इस अवधि में परीक्षा आयोजित नहीं की गई। इसके बावजूद कर्मचारियों को वेतनवृद्धि के लाभ से वंचित रखा गया और कुछ मामलों में वेतन की वसूली भी की गई।

उन्होंने कहा कि परीक्षा आयोजित नहीं करना शासन की त्रुटि है, इसलिए कर्मचारियों को इसका नुकसान नहीं उठाना चाहिए। इस मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को राहत दी है। अब संघ की मांग है कि सभी पात्र कर्मचारियों को वेतनवृद्धि का लाभ देने के लिए शासन एक समान और स्थायी निर्देश जारी करे, ताकि कर्मचारियों को अलग-अलग मामलों में न्यायालय की शरण न लेनी पड़े।

प्रांताध्यक्ष ने केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता देने और एलबी संवर्ग के शिक्षकों की सेवा गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से करते हुए पेंशन का लाभ देने की मांग भी उठाई।

टीईटी परीक्षा ऑफलाइन कराने की मांग

संघ ने शिक्षकों की टीईटी परीक्षा ऑफलाइन कराने की मांग भी की है। संघ का कहना है कि ऑफलाइन परीक्षा से शिक्षकों को सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही एलबी संवर्ग के शिक्षकों को प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना का लाभ देने की मांग दोहराई गई।

सितंबर में भी हुई थी एक दिवसीय हड़ताल

संघ के जिला अध्यक्ष किशोर शर्मा ने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। सितंबर में महंगाई भत्ते और 11 सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय हड़ताल भी की गई थी, लेकिन अब तक कर्मचारियों को अपेक्षित राहत नहीं मिली है।

उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान केंद्र के समान महंगाई भत्ता देने का वादा किया गया था। ऐसे में सरकार को कर्मचारियों के हित में जल्द निर्णय लेना चाहिए। किशोर शर्मा ने कहा कि यदि लंबित मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो शीतकालीन विधानसभा सत्र के दौरान अन्य कर्मचारी संगठनों से चर्चा कर एक दिवसीय आक्रोश रैली निकाली जाएगी।

Follow Us on Our Social Media

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button