इंद्रावती भवन की लिफ्ट में फंसे अधिकारी-कर्मचारी, 30 मिनट तक मची अफरा-तफरी

रायपुर। नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन (Indravati) में शुक्रवार को लिफ्ट अचानक बीच रास्ते बंद हो गई। लिफ्ट के अंदर आधा दर्जन से अधिक अधिकारी-कर्मचारी करीब 30 मिनट तक फंसे रहे। अचानक लिफ्ट रुकने और दरवाजा नहीं खुलने से अंदर मौजूद लोगों में घबराहट का माहौल बन गया। काफी मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोला गया और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
घटना के बाद इंद्रावती भवन में लिफ्ट की मेंटेनेंस व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। यहां रोजाना बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी और दूसरे लोग लिफ्ट का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में लिफ्ट का बीच रास्ते रुक जाना सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है।
एक मंजिल से दूसरी मंजिल के बीच अचानक लगी ब्रेक
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को एक लिफ्ट (Indravati) में आधा दर्जन से अधिक अधिकारी-कर्मचारी सवार थे। लिफ्ट एक मंजिल से दूसरी मंजिल की ओर जा रही थी। इसी दौरान अचानक तेज झटका लगा और लिफ्ट बीच रास्ते में रुक गई।
लिफ्ट के रुकने के बाद अंदर मौजूद लोगों ने दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। कुछ देर तक जब लिफ्ट दोबारा चालू नहीं हुई तो अंदर मौजूद लोगों की चिंता बढ़ गई। बंद जगह में काफी देर तक फंसे रहने के कारण घबराहट का माहौल बन गया।
करीब आधे घंटे तक अंदर फंसे रहे लोग
लिफ्ट के अचानक बंद होने की जानकारी भवन में मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों को दी गई। इसके बाद लिफ्ट को खोलने के लिए प्रयास शुरू किए गए। मेंटेनेंस टीम को भी मौके पर बुलाया गया।
करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद लिफ्ट का दरवाजा खोला जा सका। इसके बाद अंदर फंसे सभी अधिकारी-कर्मचारियों को बाहर निकाला गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के घायल होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
हालांकि, करीब आधे घंटे तक लिफ्ट में फंसे रहने के कारण अंदर मौजूद लोगों में डर का माहौल रहा। लिफ्ट से बाहर निकलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
मेंटेनेंस सिस्टम पर उठे सवाल
घटना के बाद इंद्रावती भवन में लगी लिफ्टों की नियमित जांच और मेंटेनेंस व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। सरकारी भवन में बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी रोजाना आते-जाते हैं। कई विभागों के कार्यालय इसी भवन में संचालित होते हैं, इसलिए लिफ्टों पर लगातार दबाव रहता है।
ऐसे में लिफ्ट के तकनीकी रूप से बीच रास्ते रुकने की घटना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या लिफ्ट की नियमित सर्विसिंग और सुरक्षा जांच समय पर की जा रही है।
बड़ी घटना टली, जांच की जरूरत
शुक्रवार की घटना में सभी लोग (Indravati) सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन यदि लिफ्ट लंबे समय तक बंद रहती या अंदर मौजूद किसी व्यक्ति की तबीयत बिगड़ती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। इसलिए लिफ्ट की तकनीकी जांच के साथ भवन में लगी अन्य लिफ्टों की भी सुरक्षा जांच जरूरी मानी जा रही है।
घटना के बाद मेंटेनेंस टीम ने लिफ्ट को चेक किया। हालांकि, लिफ्ट किस तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते में रुकी, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए अब लिफ्ट की सर्विसिंग, आपातकालीन व्यवस्था और नियमित निरीक्षण को लेकर स्पष्ट व्यवस्था की जरूरत महसूस की जा रही है।
इंद्रावती भवन जैसे प्रमुख प्रशासनिक परिसर में लिफ्ट की खराबी की यह घटना एक चेतावनी भी है। समय रहते तकनीकी खामियों की जांच और नियमित मेंटेनेंस किया जाए तो ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता है।



