आज का मौसम: कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवाओं के साथ बदलेगा मौसम

दिल्ली। देशभर में मानसून (Weather) का असर अब भी बना हुआ है। 17 सितंबर को उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्वोत्तर तक कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक कुछ राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण मौसम ज्यादा खराब रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की वापसी की परिस्थितियां भी बन रही हैं और 19 सितंबर के आसपास मानसून की वापसी शुरू होने के संकेत हैं।
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में बारिश
दिल्ली में 17 सितंबर को आसमान में बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है। पंजाब और हरियाणा में भी कई जगह बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। जम्मू-कश्मीर में भी कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान स्थानीय स्तर पर भूस्खलन और सड़क यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है।
राजस्थान के कई हिस्सों में भी बारिश का अनुमान है। जयपुर और कोटा संभाग सहित कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कुछ जगहों पर 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
यूपी-बिहार में बारिश और आंधी
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में 17 सितंबर को बारिश और गरज-चमक (Weather) की स्थिति बन सकती है। कुछ इलाकों में तेज हवा के साथ भारी बारिश भी हो सकती है। बिहार में भी कई स्थानों पर बारिश का पूर्वानुमान है। 17 और 18 सितंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
झारखंड में भी कई इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। ओडिशा में 17 सितंबर को बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। राज्य में अगले कुछ दिनों तक मानसूनी गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में भी असर
मध्य भारत में भी मानसून सक्रिय रहेगा। छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में 17 सितंबर को बारिश और गरज-चमक की संभावना है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
मध्यप्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक हो सकती है, जबकि मध्य महाराष्ट्र में कुछ जगह भारी बारिश का अनुमान है।
गुजरात में 17 से 19 सितंबर के बीच कई हिस्सों में व्यापक बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। गोवा में भी तटीय क्षेत्रों में बारिश जारी रहने की संभावना है।
बंगाल और पूर्वोत्तर में बारिश का दौर
पश्चिम बंगाल में दक्षिणी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। उत्तर बंगाल के पहाड़ी जिलों में बारिश अपेक्षाकृत ज्यादा हो सकती है।
सिक्किम में भी बारिश और गरज-चमक का असर रहेगा। पूर्वोत्तर के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश में कुछ जगह भारी बारिश की संभावना है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
दक्षिण भारत में भी मानसून सक्रिय
केरल में 17 से 20 सितंबर के बीच कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। 17 और 18 सितंबर को राज्य में व्यापक बारिश हो सकती है। कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों में भी बारिश और गरज-चमक की संभावना है।
तमिलनाडु में कुछ जगह बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और यानम में बारिश होने का अनुमान है। कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं। तेलंगाना में 17 सितंबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। आने वाले दिनों में यहां बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
19 सितंबर से मानसून की वापसी के संकेत
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून (Weather) की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो रही हैं। करीब 19 सितंबर से मानसून की वापसी शुरू होने की संभावना है। हालांकि इसका असर तुरंत पूरे देश पर नहीं पड़ेगा। मध्य, पूर्वी, दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों के कई हिस्सों में इसके बाद भी बारिश जारी रह सकती है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहना चाहिए। पहाड़ी और भारी बारिश वाले क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना जरूरी है। राज्यवार मौसम में स्थानीय स्तर पर बदलाव संभव है, इसलिए किसी जिले के लिए जारी ताजा अलर्ट को प्राथमिकता देना बेहतर रहेगा।



