बीयर-व्हिस्की पीने वालों के लिए अलर्ट: FSSAI ने शराब कंपनियों को भेजा नोटिस, फ्लेवर और भ्रामक दावों पर सख्ती

दिल्ली। बीयर, व्हिस्की, रम, ब्रांडी और अन्य अल्कोहलिक ड्रिंक बनाने वाली कंपनियों पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सख्ती शुरू कर दी है। प्राधिकरण ने कई कंपनियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
आरोप है कि कुछ कंपनियां नियमों के खिलाफ शराब में अतिरिक्त फ्लेवर मिला रही हैं और उत्पादों की उम्र (Aging) को लेकर भ्रामक दावे कर उपभोक्ताओं को गुमराह कर रही हैं।
एफएसएसएआई (FSSAI) के मुताबिक, यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक (अल्कोहलिक बेवरेज) विनियम, 2018 के तहत की गई है।
जांच में सामने आया कि कुछ निर्माता रम, ब्रांडी, जिन, व्हिस्की, वाइन और बीयर जैसे उत्पादों में प्राकृतिक स्वाद जैसा प्रभाव देने वाले फ्लेवर का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि नियम इसकी अनुमति नहीं देते।
इसके अलावा कुछ कंपनियों पर शराब की परिपक्वता (एजिंग) को लेकर गलत या बढ़ा-चढ़ाकर दावे करने का भी आरोप है।
नियामक ने संबंधित कंपनियों से पूछा है कि उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई क्यों न की जाए। यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो संबंधित कंपनियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं, कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहलिक बेवरेज कंपनीज (CIABC) ने कहा है कि एफएसएसएआई ने इस मुद्दे पर उद्योग संगठनों और अन्य हितधारकों के साथ बैठक बुलाई है।
संगठन का दावा है कि उसके सदस्य सभी निर्धारित मानकों और दिशा-निर्देशों का पालन करते हैं।
एफएसएसएआई (FSSAI) की इस कार्रवाई का उद्देश्य उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराना और बाजार में बिकने वाले अल्कोहलिक उत्पादों की गुणवत्ता व लेबलिंग में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नियमों का कड़ाई से पालन कराया गया तो उपभोक्ताओं को प्रमाणिक और मानक के अनुरूप उत्पाद मिल सकेंगे, साथ ही भ्रामक दावों पर भी रोक लगेगी।

