सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में 5 मंजिला इमारतें होंगी सील, MCD के 5 अधिकारी सस्पेंड

नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी बिल्डिंग गिरने की घटना के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी में बिल्डिंग सेफ्टी को लेकर सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पांच मंजिला इमारतों को तुरंत सील करने का आदेश दिया है। साथ ही सार्वजनिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने वाली इमारतों की सुरक्षा जांच और स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
MCD के पांच अधिकारी सस्पेंड
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, सत्य निकेतन हादसे के मामले में MCD के पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इनमें डिप्टी कमिश्नर, सुपरिटेंडिंग इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर शामिल हैं।
वहीं, हादसे में गिरी इमारत के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद राहत, बचाव और सुरक्षा से जुड़े उपायों की लगातार निगरानी कर रही हैं।
26 घंटे बाद भी मलबे में जिंदगी की तलाश
सत्य निकेतन में लड़कों के लिए संचालित पीजी की इमारत गिरने के बाद राहत और बचाव अभियान युद्ध स्तर पर जारी है। इमारत को गिरे 26 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है। मलबे का बड़ा हिस्सा हटाया जा चुका है, लेकिन करीब 10 से 20 प्रतिशत मलबा अभी बाकी है। इसके नीचे किसी के दबे होने की आशंका को देखते हुए बचाव दल लगातार तलाश कर रहा है।
अब तक 12 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है, जिनमें से सात की मौत हो चुकी है। हादसे से सटी एक अन्य इमारत को भी खाली करा लिया गया है और उसे गिराने के आदेश दिए गए हैं। आसपास संचालित कई पीजी खाली हो गए हैं और लोग वहां से चले गए हैं।
दिल्ली में पांच मंजिला इमारतों की जांच
मुख्यमंत्री ने पूरी दिल्ली में पांच मंजिला इमारतों को तत्काल सील करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही आसपास के पीजी और अन्य इमारतों की भी जांच की जा रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली किसी भी इमारत के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
सरकार सार्वजनिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होने वाली इमारतों को लेकर नई नीति लाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत पीजी, नर्सिंग होम, स्कूल और अन्य संस्थानों में समय-समय पर स्ट्रक्चरल ऑडिट और बिल्डिंग सेफ्टी सर्टिफिकेशन को अनिवार्य किया जा सकता है।
17.5 मीटर से अधिक ऊंची इमारतों पर विशेष नजर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को 17.5 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली इमारतों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित सीमा से अधिक निर्माण या अवैध निर्माण पाए जाने पर तत्काल रिपोर्ट करने और संबंधित इमारत के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सरकार के मुताबिक, किसी भी इमारत की सुरक्षा प्रमाणित होने तक उसमें सार्वजनिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि जनता की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही के लिए हर स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
BJP विधायक दल की बैठक में भी दिए निर्देश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में भाजपा विधायक दल की बैठक भी हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में जाकर स्थिति का जायजा लेने और नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों की जानकारी प्रशासन तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
उन्होंने अवैध निर्माण और बिल्डिंग सेफ्टी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है।



