भारत में डेंगू के चारों स्ट्रेन एक साथ मिले,8 राज्यों में अलर्ट

दिल्ली। भारत में डेंगू (dengue) को लेकर चिंता बढ़ाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि देश के 8 राज्यों में डेंगू के चारों स्ट्रेन (DENV-1, DENV-2, DENV-3 और DENV-4) एक साथ फैल रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे गंभीर डेंगू के मामलों का खतरा बढ़ सकता है। इसी बीच राहत की खबर यह है कि भारत अगले साल तक डेंगू की वैक्सीन लाने की तैयारी में है।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV), पुणे ने वर्ष 2023 से 2025 के बीच 25 राज्यों की 45 प्रयोगशालाओं से एकत्र किए गए 6,889 डेंगू (dengue) सैंपलों की जांच की। अध्ययन में आंध्र प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में डेंगू के सभी चारों स्ट्रेन पाए गए।
रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 15 अन्य राज्यों में डेंगू के तीन-तीन स्ट्रेन सक्रिय हैं। इनमें DENV-2 सबसे अधिक प्रभावी पाया गया, जो कुल संक्रमण के 51 प्रतिशत मामलों के लिए जिम्मेदार है। इसके बाद DENV-3 के 13 प्रतिशत, DENV-1 के 7 प्रतिशत और DENV-4 के 1 प्रतिशत मामले दर्ज किए गए।
प्लेटलेट्स तेजी से कम होता है
अध्ययन में यह भी सामने आया कि करीब 7 प्रतिशत मरीज एक साथ दो या उससे अधिक स्ट्रेन से संक्रमित थे। ऐसे मरीजों में प्लेटलेट्स तेजी से कम होने, ब्लीडिंग और जोड़ों में तेज दर्द जैसी गंभीर समस्याएं अधिक देखी गईं। शोधकर्ताओं का कहना है कि मल्टी-स्ट्रेन संक्रमण से गंभीर डेंगू का जोखिम बढ़ सकता है।
क्षेत्रीय स्तर पर भी अलग-अलग स्ट्रेन का प्रभाव देखने को मिला। पूरे देश में DENV-2 सबसे अधिक सक्रिय रहा, जबकि तमिलनाडु, हरियाणा और राजस्थान में DENV-1 के मामले ज्यादा मिले। वहीं गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में DENV-3 का असर अधिक पाया गया।
वैक्सीन का परीक्षण अंतिम चरण में
विशेषज्ञों के अनुसार, डेंगू (dengue) की कई वैक्सीन अंतिम चरण के परीक्षण में हैं। हालांकि अलग-अलग स्ट्रेन पर वैक्सीन की प्रभावशीलता अलग हो सकती है। ऐसे में ICMR ने वायरस के बदलते स्वरूप पर लगातार निगरानी रखने और उसी के अनुरूप वैक्सीन एवं उपचार की रणनीति तैयार करने की आवश्यकता बताई है।

