बाबा रामदेव बोले- आंदोलनों में बच्चों को न झोंकें, देश का भविष्य खतरे में

योग गुरु बाबा रामदेव ने छात्रों के प्रदर्शन को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि देश में हिंदू, मुसलमान, सिख या ईसाई खतरे में नहीं हैं, बल्कि देश का बचपन, युवा, वर्तमान और भविष्य खतरे में है। उन्होंने कहा कि बच्चों को विरोध-प्रदर्शनों में शामिल करने के बजाय उनकी पढ़ाई पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
रामदेव ने कहा कि कुछ लोग विरोध-प्रदर्शनों में बच्चों का इस्तेमाल कर रहे हैं। छोटे बच्चों को आंदोलनों में नहीं धकेला जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बच्चे लगातार प्रदर्शन और अधिकारियों के कार्यालयों के घेराव में व्यस्त रहेंगे तो वे पढ़ाई कब करेंगे। उन्होंने आंदोलनों को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से चलाने की अपील की।
रांची में छात्र आंदोलन जारी
रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार 24वें दिन भी जारी है। छात्र सीबीआई जांच और JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने समेत अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन को लेकर प्रशासन और छात्रों के बीच पहले भी बातचीत हो चुकी है, लेकिन सहमति नहीं बन पाई।
पिछले दिनों छात्रों के विधानसभा मार्च के दौरान प्रशासन की ओर से लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस के इस्तेमाल की स्थिति भी बनी थी। अब सरकार ने छात्रों और उनके सलाहकारों को बातचीत के लिए बुलाया है। दोनों पक्षों के बीच दोपहर 2 बजे बैठक प्रस्तावित है।
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रामदेव ने कहा कि पढ़ने-लिखने वाले बच्चों को ऐसे आंदोलनों से दूर रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा हैं, लेकिन प्रदर्शन अराजक या हिंसक नहीं होने चाहिए।



