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जेल में रामगोपाल अग्रवाल से मिले भूपेश बघेल, बोले- कांग्रेस नेता को गलत तरीके से बंद रखा गया है

जानें पूरा मामला

रायपुर-छत्तीसगढ़ की राजनीति में कथित शराब घोटाले को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचकर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब 10 मिनट तक बातचीत हुई। जेल से बाहर आने के बाद भूपेश बघेल ने रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता को गलत तरीके से जेल में बंद करके रखा गया है।

इस मुलाकात के बाद कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले में रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी, जमानत और रिहाई का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, एक मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद रामगोपाल अग्रवाल अभी जेल से बाहर नहीं आ सके हैं। उनके खिलाफ अन्य मामलों में भी कानूनी प्रक्रिया जारी है।

रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे भूपेश बघेल, 10 मिनट तक हुई मुलाकात

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रामगोपाल अग्रवाल से मिलने रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचे थे। यहां दोनों नेताओं के बीच लगभग 10 मिनट तक बातचीत हुई। मुलाकात के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए बघेल ने कहा कि रामगोपाल अग्रवाल कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रहे हैं और उन्हें गलत तरीके से जेल में बंद रखा गया है।

भूपेश बघेल ने उनकी गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत को लेकर सवाल उठाए। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस नेता की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। वहीं, रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ जांच एजेंसियों की कार्रवाई और अदालत में चल रही कानूनी प्रक्रिया भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

छह मामलों में दर्ज हैं केस, दो में मिली जमानत

रामगोपाल अग्रवाल के बचाव पक्ष के अधिवक्ता फैजल रिजवी के मुताबिक, उनके खिलाफ कुल छह मामले दर्ज हैं। इनमें से दो मामलों में उन्हें जमानत मिल चुकी है, जबकि चार अन्य मामलों में कानूनी प्रक्रिया जारी है।

बचाव पक्ष का कहना है कि मूल एफआईआर में रामगोपाल अग्रवाल का नाम शामिल नहीं था। बाद में एक व्यक्ति के बयान के आधार पर उन्हें आरोपी बनाया गया। अधिवक्ता ने जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक रूप से निशाना बनाने की कार्रवाई बताया है।

हालांकि, ये बचाव पक्ष की दलीलें हैं। मामले में आरोपों की सत्यता और कानूनी स्थिति पर अंतिम निर्णय अदालत को करना है।

कथित शराब घोटाले में ED ने लगाए 880 करोड़ रुपये के लेनदेन के आरोप

छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रामगोपाल अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि शराब सिंडिकेट से कथित तौर पर जुटाई गई 860 से 880 करोड़ रुपये की नकदी रायपुर के शंकर नगर स्थित कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन तक पहुंचाई गई थी। ED के अनुसार, इस कथित लेनदेन में रामगोपाल अग्रवाल की महत्वपूर्ण भूमिका थी।

जांच एजेंसी का आरोप है कि शराब सिंडिकेट से मिलने वाली रकम का एक हिस्सा लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल के माध्यम से राजीव भवन भेजा जाता था। वहां रामगोपाल अग्रवाल के साथ काम करने वाले अकाउंटेंट देवेंद्र डढ़सेना को रकम सौंपे जाने का दावा किया गया है।

72 करोड़ रुपये के लेनदेन में भूमिका का आरोप

ED के मुताबिक, कथित लेनदेन में करीब 72 करोड़ रुपये रामगोपाल अग्रवाल के नियंत्रण में थे। एजेंसी का आरोप है कि इस रकम को उनके निर्देश पर रखा गया, इस्तेमाल किया गया या अलग-अलग स्थानों पर वितरित किया गया।

जांच एजेंसी ने अपने दावों के समर्थन में डिजिटल रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 50 के तहत दर्ज बयानों का हवाला दिया है। हालांकि, ED की ओर से लगाए गए आरोपों का अदालत में अंतिम रूप से सिद्ध होना अभी बाकी है। इसलिए इन आरोपों को जांच एजेंसी के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

9.06 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क

कथित शराब घोटाले की जांच के दौरान ED ने रामगोपाल अग्रवाल की रायपुर स्थित दो अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 9.06 करोड़ रुपये बताई गई है।

जांच एजेंसी ने 8 अक्टूबर 2026 को संपत्तियों की अस्थायी कुर्की का आदेश जारी किया था। इसके अगले दिन यानी 9 अक्टूबर को रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ पूरक अभियोजन शिकायत दाखिल की गई।

ED ने उन्हें कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 11 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वह न्यायिक हिरासत में हैं।

5 नवंबर को हाईकोर्ट से एक मामले में मिली जमानत

रामगोपाल अग्रवाल को 5 नवंबर 2026 को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से जुड़े शराब घोटाला प्रकरण में नियमित जमानत मिली थी। न्यायमूर्ति बीडी गुरु की अदालत ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली।

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि मूल एफआईआर में उनका नाम नहीं था और बाद में आठवीं पूरक चार्जशीट में उन्हें आरोपी बनाया गया। बचाव पक्ष के मुताबिक, उनके पास से कोई आपत्तिजनक सामग्री या नकदी भी बरामद नहीं हुई थी।

इसके अलावा लंबे समय से न्यायिक हिरासत, दस्तावेजी साक्ष्यों की प्रकृति और बड़ी संख्या में गवाहों के कारण मुकदमे में लगने वाले संभावित समय को भी जमानत के पक्ष में आधार बनाया गया।

इसी दौरान हाईकोर्ट ने आबकारी विभाग से जुड़े मैनपावर भुगतान मामले में तत्कालीन प्रबंध संचालक अरुणपति त्रिपाठी को भी जमानत दी। हालांकि, दोनों के मामले अलग-अलग हैं।

जमानत मिलने के बाद भी क्यों जेल में हैं रामगोपाल अग्रवाल?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि एक मामले में जमानत मिलने के बाद भी रामगोपाल अग्रवाल की जेल से रिहाई क्यों नहीं हो पाई है? दरअसल, उनके खिलाफ अन्य मामलों में भी कानूनी प्रक्रिया लंबित है।

बचाव पक्ष के अधिवक्ता के मुताबिक, कथित कोयला घोटाले और शराब घोटाले से जुड़े ED के मामलों के अलावा ACB का चावल घोटाला मामला भी उनकी रिहाई में बाधा बना हुआ है। इन मामलों में हाईकोर्ट ने संबंधित जांच एजेंसियों से जवाब मांगा है।

कानूनी प्रक्रिया के तहत किसी एक मामले में जमानत मिलने से आरोपी की तत्काल रिहाई जरूरी नहीं होती। यदि उसके खिलाफ दूसरे मामलों में भी न्यायिक हिरासत या गिरफ्तारी से संबंधित आदेश लागू हैं, तो उन मामलों में भी राहत मिलना आवश्यक होता है।

भूपेश बघेल की मुलाकात के बाद फिर चर्चा में मामला

रामगोपाल अग्रवाल से जेल में भूपेश बघेल की मुलाकात और उनके बयान के बाद छत्तीसगढ़ का कथित शराब घोटाला एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है। एक ओर कांग्रेस नेता की गिरफ्तारी को लेकर भूपेश बघेल सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ED ने मनी लॉन्ड्रिंग और कथित वित्तीय लेनदेन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।

फिलहाल इस मामले में जांच एजेंसी के आरोप और बचाव पक्ष की दलीलें न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। रामगोपाल अग्रवाल की जेल से रिहाई अब बाकी मामलों में मिलने वाली कानूनी राहत पर निर्भर करेगी। आने वाले दिनों में अदालत के फैसले से ही उनकी रिहाई को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

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