CGPSC का बड़ा फैसला!
अब उम्मीदवारों की राय से बदलेगा मेन्स का सिलेबस, जानिए कैसे दे सकते हैं सुझाव

रायपुर-छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा (Mains) को और अधिक पारदर्शी, आधुनिक और अभ्यर्थी-अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पहली बार आयोग ने मुख्य परीक्षा के सिलेबस में संभावित बदलाव को लेकर सीधे अभ्यर्थियों से सुझाव मांगे हैं। यानी अब सिर्फ आयोग ही नहीं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवार भी भविष्य के सिलेबस को बेहतर बनाने में अपनी भूमिका निभा सकेंगे।
आयोग का कहना है कि बदलते समय और प्रशासनिक जरूरतों के मुताबिक परीक्षा प्रणाली में सुधार जरूरी है। इसलिए उम्मीदवारों से मिलने वाले सुझावों के आधार पर सिलेबस की समीक्षा की जाएगी।
अब अभ्यर्थी भी तय करेंगे सिलेबस की दिशा
CGPSC ने स्पष्ट किया है कि मुख्य परीक्षा के पाठ्यक्रम में संभावित बदलाव को लेकर इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन माध्यम से अपने सुझाव भेज सकते हैं। आयोग का उद्देश्य ऐसा सिलेबस तैयार करना है, जो वर्तमान समय की जरूरतों, प्रतियोगी परीक्षाओं के बदलते स्वरूप और प्रशासनिक सेवाओं की अपेक्षाओं के अनुरूप हो।
इस पहल से परीक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और छात्रों के लिए उपयोगी बनाने की कोशिश की जा रही है।
ऐसे भेजें अपने सुझाव
सुझाव भेजने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। जो उम्मीदवार पहले से CGPSC पोर्टल पर पंजीकृत हैं, वे अपनी मौजूदा यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन कर सीधे सुझाव दर्ज कर सकते हैं। वहीं नए अभ्यर्थियों को पहले पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा।
आयोग ने अधिसूचना जारी होने की तारीख से एक महीने तक सुझाव भेजने का समय दिया है। इस दौरान प्राप्त सभी सुझावों का अध्ययन करने के बाद सिलेबस में बदलाव को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
मौजूदा भर्ती प्रक्रिया पर नहीं पड़ेगा कोई असर
CGPSC ने साफ कर दिया है कि प्रस्तावित सिलेबस संशोधन का असर वर्तमान राज्य सेवा भर्ती प्रक्रिया पर नहीं पड़ेगा। अभी चल रही भर्ती और आगामी मुख्य परीक्षा पुराने सिलेबस के आधार पर ही आयोजित की जाएगी।
नया सिलेबस भविष्य में होने वाली राज्य सेवा परीक्षाओं में लागू किया जाएगा, ताकि अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके और किसी भी उम्मीदवार को असुविधा का सामना न करना पड़े।
फिलहाल ऐसा है मेन्स परीक्षा का पैटर्न
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) पास करने के बाद अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा (Mains) देनी होती है। मुख्य परीक्षा में कुल 7 अनिवार्य प्रश्नपत्र शामिल हैं। प्रत्येक प्रश्नपत्र 200 अंकों का होता है और कुल अंक 1400 निर्धारित हैं।
यह परीक्षा पूरी तरह वर्णनात्मक (Descriptive) होती है, जिसमें भाषा, निबंध और सामान्य अध्ययन से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।
आधुनिक और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की ओर बड़ा कदम
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर सिलेबस की समीक्षा करना जरूरी है, ताकि परीक्षा वर्तमान प्रशासनिक जरूरतों और बदलते शैक्षणिक माहौल के अनुरूप बनी रहे। अभ्यर्थियों की भागीदारी से तैयार होने वाला पाठ्यक्रम अधिक संतुलित, व्यावहारिक और उपयोगी हो सकता है।
इसी उद्देश्य से CGPSC ने सभी इच्छुक उम्मीदवारों से तय समय सीमा के भीतर अपने सुझाव भेजने की अपील की है। आयोग का मानना है कि इस पहल से भविष्य की राज्य सेवा परीक्षाएं और अधिक पारदर्शी, प्रभावी तथा गुणवत्तापूर्ण बन सकेंगी।
अगर यह खबर किसी न्यूज़ वेबसाइट के लिए है, तो इसे SEO-फ्रेंडली हेडिंग, सब-हेडिंग और कीवर्ड्स के साथ भी तैयार किया जा सकता है।

