छत्तीसगढ़ कैबिनेट की बैठक आज: बिजली बिल और महतारी वंदन पर फैसला संभव, धान खरीदी की तैयारियों पर भी होगी चर्चा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रिपरिषद (Cabinet) की अहम बैठक होगी। मंत्रालय महानदी भवन में होने वाली इस बैठक में बिजली बिल से जुड़े मुद्दे, महतारी वंदन योजना में नए हितग्राहियों को जोड़ने के लिए पोर्टल दोबारा खोलने और खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की धान खरीदी की तैयारियों सहित कई विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
कैबिनेट बैठक को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी काफी अहम माना जा रहा है। खासकर बिजली बिल का मुद्दा पिछले कुछ समय से विपक्ष के निशाने पर है। ऐसे में सरकार की ओर से इस संबंध में कोई निर्णय या नई व्यवस्था सामने आती है तो इसका सीधा असर प्रदेश के घरेलू और अन्य बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।
बिजली बिल के मुद्दे पर सरकार ले सकती है अहम फैसला
बैठक में बिजली बिल से जुड़े प्रस्ताव पर चर्चा (Cabinet) की संभावना है। प्रदेश में बिजली दर, बिलिंग व्यवस्था और उपभोक्ताओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। विपक्ष भी बिजली बिल को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाता रहा है।
ऐसे में कैबिनेट के सामने ऊर्जा विभाग की ओर से संबंधित प्रस्ताव रखा जा सकता है। हालांकि, बैठक में किस प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी और उसका स्वरूप क्या होगा, यह निर्णय मंत्रिपरिषद की चर्चा के बाद ही स्पष्ट होगा।
सरकार के लिए यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बिजली बिल सीधे आम उपभोक्ताओं से जुड़ा हुआ विषय है। कैबिनेट में लिए जाने वाले किसी भी निर्णय का असर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।
महतारी वंदन योजना में नए नाम जुड़ने की उम्मीद
कैबिनेट बैठक में प्रदेश की प्रमुख महिला-केंद्रित योजनाओं में शामिल महतारी वंदन योजना को लेकर भी चर्चा हो सकती है। योजना में नए पात्र हितग्राहियों के नाम जोड़ने के लिए पोर्टल दोबारा खोलने पर सरकार फैसला ले सकती है।
कई महिलाएं ऐसी हैं जो अलग-अलग कारणों से योजना के लिए आवेदन नहीं कर पाई थीं। ऐसे में पोर्टल दोबारा खुलने से पात्र महिलाओं को योजना में शामिल होने का अवसर मिल सकता है।
सरकार की ओर से योजना के तहत पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। इसलिए नए हितग्राहियों को जोड़ने का फैसला होने पर प्रदेश में लाभार्थियों की संख्या बढ़ सकती है।
कैबिनेट में इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से प्रस्ताव या मौजूदा स्थिति की जानकारी रखे जाने की संभावना है। पोर्टल खोलने की अवधि, आवेदन प्रक्रिया और पात्रता संबंधी नियमों को लेकर भी आगे स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
धान खरीदी की तैयारियों पर भी मंथन
बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 की धान खरीदी की तैयारियां भी अहम एजेंडे (Cabinet) में रह सकती हैं। प्रदेश में धान खरीदी किसानों से जुड़ा सबसे महत्वपूर्ण विषय है। खरीदी शुरू होने से पहले उपार्जन केंद्रों, बारदाने, परिवहन, भंडारण और किसानों को भुगतान जैसी व्यवस्थाओं को लेकर विभागीय स्तर पर तैयारियां की जाती हैं।
कैबिनेट में संबंधित विभागों की ओर से अब तक की तैयारियों की जानकारी रखी जा सकती है। साथ ही धान खरीदी को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हो सकती है।
सरकार की कोशिश रहेगी कि खरीदी सीजन शुरू होने से पहले उपार्जन केंद्रों और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया जाए, ताकि किसानों को धान बेचने के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
पिछली बैठक 5 अगस्त को हुई थी
इससे पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की बैठक 5 अगस्त को हुई थी। अब करीब एक महीने बाद होने वाली इस बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की उम्मीद है।
बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में होने वाली बैठक में विभिन्न विभागों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। विभागीय प्रस्तावों पर चर्चा के बाद कैबिनेट जिन मुद्दों पर सहमति बनाएगी, उनसे जुड़े फैसलों की जानकारी बैठक के बाद सामने आएगी।
इन फैसलों पर रहेगी नजर
इस बैठक में खास तौर पर तीन मुद्दों पर सबसे ज्यादा नजर रहेगी—बिजली बिल को लेकर सरकार का फैसला, महतारी वंदन योजना का पोर्टल दोबारा खोलने का निर्णय और धान खरीदी 2026-27 की तैयारियां।
महतारी वंदन के पोर्टल को दोबारा खोलने का फैसला हजारों पात्र महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, जबकि धान खरीदी की तैयारियों का सीधा संबंध प्रदेश के किसानों से है। वहीं बिजली बिल से जुड़ा फैसला आम उपभोक्ताओं के लिए अहम रहेगा।
हालांकि, इन मुद्दों पर अंतिम निर्णय कैबिनेट की बैठक में चर्चा के बाद ही होगा। इसलिए बैठक खत्म होने के बाद सरकार की ओर से जारी होने वाले फैसलों पर प्रदेश की नजर रहेगी।



