छत्तीसगढ़ हॉकी लीग 2026: 21 अक्टूबर से शुरू होगा पहला सीजन, सरदार सिंह बने ब्रांड एम्बेसडर; 6 टीमें लेंगी हिस्सा

रायपुर। छत्तीसगढ़ में हॉकी को बढ़ावा देने और स्थानीय खिलाड़ियों को प्रोफेशनल स्तर पर खेलने का अवसर देने के लिए राज्य सरकार छत्तीसगढ़ हॉकी लीग शुरू करने जा रही है। सोमवार को लीग की छह टीमों और उनकी जर्सी का अनावरण किया गया। भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान और पद्मश्री व अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित सरदार सिंह को लीग का ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया है। उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव ने इसकी घोषणा की।
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का पहला सीजन 21 अक्टूबर से 1 नवंबर तक रायपुर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेला जाएगा। राज्य सरकार द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में प्रदेश के छह अलग-अलग अंचलों की टीमें हिस्सा लेंगी। लीग को आईपीएल की तर्ज पर फ्रेंचाइजी मॉडल में आयोजित करने की तैयारी है। टीमों की लॉन्चिंग के साथ फ्रेंचाइजी और संबंधित पक्षों के बीच एमओयू भी किया गया।
रायपुर से सरगुजा तक, ये हैं लीग की छह टीमें
छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह टीमें प्रतियोगिता में उतरेंगी। इनके नाम और फ्रेंचाइजी इस प्रकार हैं:
– राजधानी रॉयल्स (रायपुर अंचल): बजरंग पावर इस्पात
– बैलाडीला बुल्स (बस्तर अंचल): एनएमडीसी (NMDC)
– संस्कारधानी स्ट्राइकर्स (राजनांदगांव अंचल): सारडा एनर्जी
– चक्रधर चैंपियंस (रायगढ़ अंचल): जिंदल स्टील लिमिटेड
– न्यायधानी नाइट्स (बिलासपुर अंचल): एसईसीएल (SECL)
– मैनपाट टाइटंस (सरगुजा अंचल): छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड
इन टीमों के जरिए प्रदेश के विभिन्न हॉकी क्षेत्रों को एक साझा मंच पर लाने की कोशिश की जा रही है। लीग से स्थानीय खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी माहौल में खेलने और अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
108 स्थानीय खिलाड़ियों को मिलेगा खेलने का मौका

लीग का एक प्रमुख उद्देश्य प्रदेश के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर देना है। चयन प्रक्रिया के बाद 108 स्थानीय खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिलेगा। अनुभवी खिलाड़ियों के साथ मैदान साझा करने से उन्हें प्रोफेशनल हॉकी की बारीकियां सीखने और उच्च स्तर के मुकाबलों का अनुभव हासिल करने में मदद मिलेगी।
यह मंच स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और भविष्य में उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए दावेदारी मजबूत करने का अवसर दे सकता है। हालांकि, इसका दीर्घकालिक लाभ इस बात पर भी निर्भर करेगा कि खिलाड़ियों को आगे राष्ट्रीय टूर्नामेंटों और चयन शिविरों तक पहुंचने के कितने अवसर मिलते हैं।
इस तरह होगा विजेता का फैसला
प्रतियोगिता में सभी छह टीमें पहले लीग चरण के मुकाबले खेलेंगी। इसके बाद अंक तालिका में शीर्ष चार स्थान हासिल करने वाली टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। दोनों सेमीफाइनल के विजेता खिताब के लिए फाइनल में आमने-सामने होंगे।
मैचों के संचालन के लिए अंपायरों और तकनीकी अधिकारियों की नियुक्ति हॉकी इंडिया की ओर से की जाएगी। इससे प्रतियोगिता में तकनीकी मानकों और मैच संचालन को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी।
सरदार सिंह के अनुभव से खिलाड़ियों को मिलेगी प्रेरणा
छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के ब्रांड एम्बेसडर सरदार सिंह भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान हैं। उन्हें पद्मश्री और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने 314 मैच खेले हैं।
उनकी नियुक्ति से लीग को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने और युवाओं को हॉकी से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही, उनके अनुभव से स्थानीय खिलाड़ियों को प्रेरणा मिल सकती है।
अरुण साव बोले—प्रदेश के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
टीमों और जर्सी की लॉन्चिंग के दौरान उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव ने कहा कि नवरात्रि के पावन अवसर पर लीग की घोषणा और टीमों की लॉन्चिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में हॉकी प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत उन्हें आगे बढ़ाने के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराने की है।
साव ने हाल ही में जीतकर लौटीं मधु और गीता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हॉकी लीग से प्रदेश में इस खेल का माहौल मजबूत होगा और अधिक युवा खेल के मैदान की ओर आकर्षित होंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के साथ उन्हें बेहतर इंसान बनने और हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार करना भी है। साव ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी भारतीय हॉकी टीम में जगह बनाएंगे। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी से मिलकर काम करने की अपील की।
लोगो में छत्तीसगढ़ का नक्शा, ‘बघवा’ होगा शुभंकर
लीग की पहचान को प्रदेश की संस्कृति और प्राकृतिक विरासत से जोड़ने के लिए इसके लोगो और शुभंकर में स्थानीय प्रतीकों को शामिल किया गया है। लोगो में छत्तीसगढ़ का नक्शा है। इसमें केसरिया और हरे रंग के साथ आगे बढ़ती नारंगी रेखा का इस्तेमाल किया गया है, जिसे प्रदेश की प्रगति के प्रतीक के रूप में पेश किया गया है।
लीग की टैगलाइन ‘चलव रे संगी, हॉकी खेलबो’ रखी गई है। वहीं, इसका आधिकारिक शुभंकर ‘बघवा’ है, जो बाघ पर आधारित है। इसे छत्तीसगढ़ के जंगलों और वन्यजीव विरासत के साथ साहस, शक्ति और निडरता का प्रतीक बनाया गया है।

दर्शकों के लिए प्रवेश मुफ्त, हर दिन होंगे मनोरंजन कार्यक्रम
लीग के दौरान हॉकी मुकाबलों के साथ दर्शकों के मनोरंजन का भी इंतजाम रहेगा। हर दिन विशेष मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। दर्शकों को मुकाबले देखने के लिए कोई प्रवेश शुल्क नहीं देना होगा।
मुफ्त प्रवेश से अधिक दर्शकों के स्टेडियम पहुंचने और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ने की उम्मीद है। अब सबकी नजरें लीग के पहले सीजन पर रहेंगी कि छह टीमों के बीच होने वाले मुकाबले प्रदेश में हॉकी के प्रति दिलचस्पी बढ़ाने और स्थानीय खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के नए अवसर देने में कितने सफल होते हैं।



