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मेडिकल PG एडमिशन में बड़ा बदलाव! MD-MS की सीट मिली तो लेना होगा प्रवेश, वरना काउंसिलिंग से बाहर

रायपुर। मेडिकल पीजी में दाखिला लेने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर है। छत्तीसगढ़ में MD-MS एडमिशन की प्रक्रिया के दौरान इस बार ऐसे नियम लागू किए गए हैं, जिनकी अनदेखी करना छात्रों को भारी पड़ सकता है। अब काउंसिलिंग में सीट मिलने के बाद केवल आवंटन स्वीकार करना काफी नहीं होगा, बल्कि निर्धारित समय के भीतर कॉलेज में प्रवेश लेना भी जरूरी होगा।

खास बात यह है कि अगर छात्र आवंटित सीट स्वीकार करने के बाद समय पर एडमिशन नहीं लेता है, तो उसे स्वत: ही प्रवेश प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, वह आगे होने वाले काउंसिलिंग राउंड में भी शामिल होने के लिए अपात्र हो जाएगा। ऐसे में NEET PG क्वालिफाइड छात्रों को काउंसिलिंग के नियम और शर्तें ध्यान से समझने की जरूरत है।

सीट स्वीकार की तो एडमिशन लेना होगा अनिवार्य

नए नियमों के मुताबिक, सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MD-MS कोर्स के लिए सीट आवंटित होने के बाद छात्र उसे स्वीकार करता है, तो तय समय में प्रवेश लेना अनिवार्य होगा। यदि छात्र ऐसा नहीं करता है, तो उसकी उम्मीदवारी समाप्त हो सकती है और आगे की काउंसिलिंग का मौका भी हाथ से निकल जाएगा।

हालांकि, अगर किसी छात्र को आवंटित सीट पसंद नहीं आती या वह उससे संतुष्ट नहीं है, तो उसे सीट अस्वीकार करने का विकल्प दिया गया है। इस स्थिति में वह अगले काउंसिलिंग राउंड में शामिल होने के लिए पात्र बना रह सकता है। यानी सीट स्वीकार करने और सीट छोड़ने के फैसले में छात्रों को विशेष सावधानी बरतनी होगी।

छत्तीसगढ़ में MD-MS की कुल 642 सीटें

प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MD-MS की कुल 642 सीटें उपलब्ध हैं। इनमें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 378 और निजी मेडिकल कॉलेजों में 264 सीटें शामिल हैं। NEET PG के जरिए इन सीटों पर प्रवेश दिया जा रहा है।

इस बार नीट पीजी के टॉपर्स में 6 छात्रों को मेडिसिन, 3 को रेडियो डायग्नोसिस और एक छात्र को स्किन की सीट मिली है। मेडिकल विशेषज्ञों के मुताबिक, पीजी में दाखिले के दौरान छात्रों को अपनी पसंद, सीट आवंटन और प्रवेश की समय-सीमा को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए।

दस्तावेजों में गलती हुई तो हाथ से निकल सकता है एडमिशन

काउंसिलिंग के दौरान केवल मेरिट लिस्ट में नाम आना ही पर्याप्त नहीं है। मेडिकल एक्सपर्ट और पूर्व डीएमई डॉ. विष्णु दत्त तथा हिमेटोलॉजिस्ट डॉ. विकास गोयल के अनुसार, छात्रों को काउंसिलिंग शुरू होने से पहले अपने सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखने चाहिए।

यदि सीट आवंटित होने के बाद दस्तावेजों की जांच में कोई गड़बड़ी मिलती है या जरूरी प्रमाणपत्र सही नहीं पाए जाते हैं, तो छात्र प्रवेश के लिए अपात्र हो सकता है। इसलिए NEET PG क्वालिफाइड अभ्यर्थियों को अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्र, जरूरी दस्तावेज और अन्य पात्रता संबंधी जानकारी पहले से जांच लेनी चाहिए।

निजी कॉलेजों में 8 से 10 लाख रुपये ट्यूशन फीस

निजी मेडिकल कॉलेजों में MD-MS में प्रवेश लेने वाले छात्रों को फीस का भी ध्यान रखना होगा। जानकारी के मुताबिक, निजी कॉलेजों में एडमिशन के दौरान 8 से 10 लाख रुपये तक निर्धारित ट्यूशन फीस जमा करनी होगी।

वहीं, कॉलेज बदलने की स्थिति में फीस वापसी का भी प्रावधान है। इसके तहत 10 प्रतिशत राशि काटकर बाकी फीस वापस करने का नियम बताया गया है। ऐसे में छात्रों को सीट स्वीकार करने से पहले कॉलेज, कोर्स और फीस से जुड़ी सभी जानकारियां समझ लेनी चाहिए।

दिवाली के दिन भी चलेगी एडमिशन प्रक्रिया, कर्मचारियों की बढ़ी परेशानी

मेडिकल पीजी की प्रवेश प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो चुकी है और 10 नवंबर तक चलेगी। खास बात यह है कि इस दौरान 8 नवंबर को दीपावली पड़ रही है। दिवाली रविवार को है, लेकिन पहले रविवार को भी एडमिशन प्रक्रिया जारी रहने की बात सामने आई है।

काउंसिलिंग से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों का कहना है कि दीपावली जैसे बड़े त्योहार पर छुट्टी दी जानी चाहिए। उनका कहना है कि 9 नवंबर को कोई बड़ा त्योहार नहीं है, जबकि 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा और 11 नवंबर को भाई दूज है। ऐसे में त्योहारों के बीच प्रवेश प्रक्रिया जारी रहने से कर्मचारियों की परेशानी बढ़ गई है।

छत्तीसगढ़ के मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटों का ब्योरा

प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MD-MS की कुल 642 सीटें हैं। कॉलेजवार सीटों का विवरण इस प्रकार है:

मेडिकल कॉलेजकुल सीटें
रायपुर146
बिलासपुर91
राजनांदगांव18
जगदलपुर28
रायगढ़42
अंबिकापुर40
कोरबा13
RIMS63
बालाजी मेडिकल कॉलेज100
शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज101
कुल642

इस बार MD-MS में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए सीट आवंटन के बाद समय पर एडमिशन लेना बेहद जरूरी होगा। ऐसे में अभ्यर्थियों को काउंसिलिंग की तारीख, दस्तावेजों और फीस से जुड़ी शर्तों को ध्यान से पढ़ना चाहिए, ताकि एक छोटी सी गलती के कारण उनका मेडिकल पीजी में दाखिले का मौका न छूट जाए।

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Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

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