छत्तीसगढ़ में 6 नवंबर को धनतेरस और 8 नवंबर को दीपावली, जानें लक्ष्मी-कुबेर पूजा से 13 दीपक जलाने तक के शुभ मुहूर्त

रायपुर। दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही छत्तीसगढ़ में इसकी तैयारियां तेज हो गई हैं। घरों में साफ-सफाई, रंग-रोगन और सजावट का काम चल रहा है, वहीं बाजारों में भी त्योहार की खरीदारी शुरू हो चुकी है। लोग मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए घरों को सजाने के साथ पूजा-पाठ की तैयारियों में जुटे हैं। हालांकि, इस बार पांच दिवसीय दीपोत्सव की तिथियों और पूजा के शुभ मुहूर्त को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं। धनतेरस कब मनाई जाएगी? 13 दीपक जलाने का शुभ समय क्या है? और दीपावली पर लक्ष्मी-कुबेर पूजा किस मुहूर्त में करनी चाहिए?
इन सवालों को लेकर शहर के आचार्य पंडित हरिप्रसाद शुक्ला ने रमा एकादशी से लेकर दीपावली तक की तिथियों और शुभ मुहूर्त की जानकारी साझा की है। उनके अनुसार, 5 नवंबर को रमा एकादशी, 6 नवंबर को धनतेरस और 8 नवंबर को दीपावली मनाई जाएगी।
5 नवंबर को रमा एकादशी व्रत
पंचदिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत से पहले 5 नवंबर, गुरुवार को रमा एकादशी का व्रत रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा और व्रत का विशेष महत्व होता है। श्रद्धालु इस दिन व्रत रखकर पूजा-अर्चना करेंगे। इसके अगले दिन यानी 6 नवंबर को धनतेरस के साथ दीपोत्सव की रौनक और बढ़ जाएगी।
6 नवंबर को धनतेरस, जानें शुभ मुहूर्त
आचार्य पंडित हरिप्रसाद शुक्ला के मुताबिक, 6 नवंबर, शुक्रवार को धनतेरस और प्रदोष व्रत रहेगा। धनतेरस को धन, समृद्धि और आरोग्य की कामना से जुड़ा पर्व माना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा का विशेष महत्व बताया जाता है। मान्यता है कि धनतेरस पर शुभ समय में खरीदारी और पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
धनतेरस के दिन सुबह 7 बजकर 33 मिनट से 10 बजकर 22 मिनट तक अमृत योग रहेगा। इसके बाद सुबह 11 बजकर 47 मिनट से दोपहर 1 बजकर 11 मिनट तक शुभ योग रहेगा। श्रद्धालु इन समयों में अपनी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार पूजा-पाठ कर सकते हैं।
धनतेरस पर 13 दीपक जलाने का शुभ समय
धनतेरस पर दीपदान का भी विशेष महत्व है। इस दिन घर के बाहर और पूजा स्थल पर दीपक जलाए जाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, धनतेरस की रात 13 मिट्टी के दीपक जलाने की परंपरा भी प्रचलित है। आचार्य के अनुसार, 13 दीपक जलाने के लिए रात 8 बजकर 26 मिनट से 10 बजकर 12 मिनट तक का समय शुभ बताया गया है। ऐसे में दीपदान करने वाले श्रद्धालु इस समय का ध्यान रख सकते हैं।
7 नवंबर को धनवंतरी जयंती और नरक चतुर्दशी का संयोग
धनतेरस के अगले दिन यानी 7 नवंबर, शनिवार को कई धार्मिक पर्वों का संयोग रहेगा। आचार्य के अनुसार, इस दिन धनवंतरी जयंती, नरक चतुर्दशी, हनुमान जयंती और मास शिवरात्रि मनाई जाएगी। एक ही दिन कई पर्वों के पड़ने से इस तारीख का धार्मिक महत्व बढ़ जाता है।
इस दिन सुबह 10 बजकर 47 मिनट से भद्रा शुरू होगी, जो रात 11 बजकर 7 मिनट तक रहेगी। इसलिए श्रद्धालुओं को पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक कार्य करते समय बताए गए शुभ समय का ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
8 नवंबर को दीपावली, जानें लक्ष्मी-कुबेर पूजा का शुभ मुहूर्त
इस साल 8 नवंबर, रविवार को दीपावली मनाई जाएगी। इस दिन नरक चतुर्दशी और अमावस्या का संयोग बताया गया है। दीपावली पर मां लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा का विशेष महत्व होता है। घरों और प्रतिष्ठानों में सुख-समृद्धि, धन-वैभव और खुशहाली की कामना के साथ पूजा की जाती है।
आचार्य पंडित हरिप्रसाद शुक्ला के अनुसार, दीपावली पर लक्ष्मी और कुबेर पूजा के लिए दोपहर 1 बजकर 11 मिनट से 2 बजकर 36 मिनट तक शुभ योग रहेगा। वहीं शाम का समय भी पूजा के लिए खास बताया गया है। शाम 5 बजकर 24 मिनट से रात 8 बजकर 36 मिनट तक अमृत योग रहेगा।
इसके अलावा अलग-अलग लग्न में रात 2 बजकर 25 मिनट तक पूजा के मुहूर्त बताए गए हैं। श्रद्धालु अपनी सुविधा और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार इनमें से किसी समय पूजा-अर्चना कर सकते हैं।
दीपावली की तैयारियों में जुटे लोग, बाजारों में बढ़ी रौनक
दीपावली को लेकर छत्तीसगढ़ के बाजारों में भी चहल-पहल बढ़ने लगी है। लोग मिट्टी के दीपक, सजावटी लाइट, रंगोली का सामान, पूजा सामग्री और मिठाइयों की खरीदारी कर रहे हैं। घरों में साफ-सफाई और सजावट के साथ मां लक्ष्मी के स्वागत की तैयारियां जारी हैं।
कुल मिलाकर, इस बार दीपोत्सव की शुरुआत 5 नवंबर को रमा एकादशी से होगी। 6 नवंबर को धनतेरस पर दीपदान और खरीदारी की जाएगी, 7 नवंबर को कई धार्मिक पर्वों का संयोग रहेगा और 8 नवंबर को दीपावली पर मां लक्ष्मी तथा भगवान कुबेर की पूजा होगी। ऐसे में श्रद्धालु त्योहार की तैयारियों के साथ पूजा के बताए गए शुभ मुहूर्त का भी ध्यान रख सकते हैं।



