
रायपुर | छत्तीसगढ़ी फिल्म और लोककला जगत से गुरुवार को एक दुखद खबर सामने आई। अपनी सहज कॉमेडी और दमदार अभिनय से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाने वाले वरिष्ठ हास्य कलाकार रामू यादव(Ramu Yadav) का निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही प्रदेशभर के कलाकारों, सांस्कृतिक संस्थाओं और प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई।
‘तीन बेटी एक दामाद’ से मिली घर-घर पहचान
रामू यादव(Ramu Yadav) ने अपने अभिनय करियर में कई यादगार भूमिकाएं निभाईं, लेकिन फिल्म ‘तीन बेटी एक दामाद’ ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। उनकी अभिनय शैली पूरी तरह स्वाभाविक थी। वे अपने किरदारों में छत्तीसगढ़ की बोली, संस्कृति और ग्रामीण जीवन को इस तरह पेश करते थे कि दर्शक खुद को उससे जुड़ा हुआ महसूस करते थे। यही वजह थी कि उनकी लोकप्रियता केवल फिल्मों तक सीमित नहीं रही, बल्कि मंचीय कार्यक्रमों और सांस्कृतिक आयोजनों में भी उन्हें भरपूर प्यार मिला।
छत्तीसगढ़ी कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति
रामू यादव(Ramu Yadav) के निधन पर फिल्म जगत के कलाकारों, निर्देशकों और सांस्कृतिक संगठनों ने गहरा दुख व्यक्त किया। सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कई लोगों ने कहा कि उन्होंने अपनी कला से वर्षों तक लोगों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी और छत्तीसगढ़ी सिनेमा को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनके निभाए गए किरदार और उनकी सहज कॉमेडी आने वाले वर्षों तक दर्शकों की यादों में जीवित रहेंगे।

