फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में पायलट के सोने का दावा, 30-35 मिनट तक नहीं संभाला विमान का कंट्रोल

फुकेट, थाईलैंड। एअर इंडिया की फुकेट-दिल्ली उड़ान में टर्बुलेंस के दौरान 17 लोगों के घायल होने के मामले में एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान उड़ाने वाले पायलट ने उड़ान के बीच करीब 30-35 मिनट तक नींद ली थी। पूछताछ के दौरान पायलट ने कथित तौर पर बताया कि निजी कारणों और तनाव के चलते उसे लंबे समय से नींद से जुड़ी परेशानी थी और वह पारिवारिक डॉक्टर की सलाह पर नींद की दवा लेता था।
रिपोर्ट के मुताबिक, पायलट ने उड़ान के दौरान क्रू मेंबर से स्मोकिंग के लिए लाइटर भी मांगा था। इससे पहले इस मामले में पायलट के डोप टेस्ट के पॉजिटिव आने की जानकारी सामने आई थी। मामले की जांच के दौरान उड़ान की सुरक्षा और पायलट के व्यवहार को लेकर कई सवाल उठे हैं।
उड़ान के दौरान सामने आईं कई तकनीकी खामियां
रिपोर्ट्स के अनुसार, फुकेट-दिल्ली फ्लाइट में पायलट से जुड़े विवाद के अलावा विमान में भी कई तकनीकी समस्याएं सामने आई थीं। विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम में तीन बार खराबी आने की बात कही गई है। इसके अलावा ऑटोपायलट भी बंद हो गया था, जिसके बाद को-पायलट ने विमान का कंट्रोल संभाला।
उड़ान के दौरान विमान को तेज झटके लगे और वह अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गया। इस दौरान विमान के कुछ इंडिकेटर स्विच भी कुछ समय के लिए काम नहीं कर रहे थे। इन घटनाओं ने उड़ान की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
टर्बुलेंस में 17 लोग हुए थे घायल
4 अगस्त को हुई इस घटना में यात्रियों और क्रू मेंबर समेत कुल 17 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। घटना के बाद दोनों पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया गया है। मामले की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा की जा रही है।
जांच में अब पायलट के कथित तौर पर उड़ान के दौरान सोने, नींद की दवा लेने और डोप टेस्ट से जुड़े पहलुओं के साथ विमान में आई तकनीकी खराबियों की भी पड़ताल की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



