जापान का नागोरो आज भी दुनिया को देता है भावुक संदेश
25–30 लोग, लेकिन 350 से ज्यादा पुतलों से भरा है पूरा गांव

नागोरो (जापान)। जापान के शिकोकू द्वीप की पहाड़ियों में बसा छोटा-सा नागोरो(Nagoro) गांव आज अपनी अनोखी पहचान की वजह से दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित कर रहा है। इस गांव की सबसे खास बात यह है कि यहां रहने वाले लोगों से कहीं ज्यादा पुतले दिखाई देते हैं। गांव की आबादी अब केवल 25 से 30 लोगों के आसपास रह गई है, जबकि यहां 350 से अधिक मानव आकृति वाले पुतले अलग-अलग जगहों पर नजर आते हैं।
एक समय ऐसा था जब नागोरो(Nagoro) भी जापान के दूसरे ग्रामीण इलाकों की तरह आबाद हुआ करता था। खेतों में खेती होती थी, स्कूलों में बच्चों की चहल-पहल रहती थी और बाजारों में रौनक दिखाई देती थी। लेकिन समय के साथ रोजगार और बेहतर शिक्षा की तलाश में अधिकांश युवा बड़े शहरों का रुख करने लगे। धीरे-धीरे गांव की आबादी घटती गई और कई घर हमेशा के लिए खाली हो गए।
एक महिला ने यादों को दिया नया जीवन, शुरू किया अनोखा अभियान
इस वीरान होते गांव को नई पहचान देने का श्रेय स्थानीय निवासी अयानो सुकिमी को जाता है। वर्षों बाद गांव लौटने पर उन्होंने देखा कि जिन लोगों के बीच उनका बचपन बीता था, उनमें से अधिकांश अब वहां नहीं थे। इसी दौरान उन्होंने खेत की रखवाली के लिए एक मानव जैसा पुतला बनाया, जिसे दूर से देखने वाले असली व्यक्ति समझ बैठे। यही अनुभव आगे चलकर एक अनोखी पहल में बदल गया।
खेत, दुकान और स्कूल… हर जगह नजर आते हैं इंसानों जैसे पुतले
अयानो ने गांव छोड़ चुके और दिवंगत लोगों की याद में उनके जैसे दिखने वाले पुतले तैयार करने शुरू किए। आज खेतों में किसान, दुकानों में दुकानदार, सड़क किनारे बैठे बुजुर्ग और स्कूल की कक्षाओं में बच्चे व शिक्षक दिखाई देते हैं, लेकिन करीब जाने पर पता चलता है कि ये सभी कपड़ों, भूसे और अन्य सामग्री से बनाए गए पुतले हैं। हर पुतले को उस व्यक्ति की पुरानी तस्वीरों और यादों के आधार पर तैयार किया जाता है, जिससे वह काफी वास्तविक दिखाई देता है।
घटती आबादी की कहानी दुनिया को दिखाता है नागोरो
नागोरो(Nagoro) अब केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि जापान में घटती ग्रामीण आबादी का प्रतीक भी बन चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि कम जन्म दर और लगातार हो रहे पलायन के कारण देश के कई छोटे गांव भविष्य में इसी तरह खाली हो सकते हैं।
नागोरो देता है संदेश—लोग चले जाते हैं, यादें हमेशा रह जाती हैं
आज यह गांव दुनिया को एक भावुक संदेश देता है कि किसी भी स्थान की असली पहचान वहां रहने वाले लोग होते हैं। जब लोग चले जाते हैं तो इमारतें बचती हैं, लेकिन उनकी यादों को जिंदा रखने की कोशिश नागोरो को दुनिया के सबसे अनोखे गांवों में शामिल कर देती है।

