उड़ानें बंद, फिर भी देश का सर्वश्रेष्ठ एयरपोर्ट बना खजुराहो, यात्री संतुष्टि सर्वे ने चौंकाया

मध्य प्रदेश का खजुराहो घरेलू हवाई अड्डा एक बार फिर चर्चा में है। वजह यह है कि जहां इस समय एयरपोर्ट से कोई भी नियमित यात्री उड़ान संचालित नहीं हो रही है, वहीं हाल ही में इसे यात्री अनुभव के आधार पर देश का सर्वश्रेष्ठ एयरपोर्ट घोषित किया गया है। इस उपलब्धि ने लोगों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि बिना उड़ानों वाले एयरपोर्ट को सर्वोच्च रैंकिंग कैसे मिली।
जानकारी के अनुसार खजुराहो एयरपोर्ट पर 1 जुलाई से नियमित यात्री उड़ानें बंद हैं। इससे पहले यहां से केवल दिल्ली और वाराणसी के लिए दो उड़ानें संचालित होती थीं। एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि इन सेवाओं के अक्टूबर से दोबारा शुरू होने की संभावना है, हालांकि उड़ानें बंद होने के कारणों की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
एयरपोर्ट निदेशक संतोष सिंह के अनुसार खजुराहो एयरपोर्ट का मुख्य टर्मिनल 1960 के दशक के अंतिम वर्षों में तैयार हुआ था, जबकि यहां से पहली हवाई सेवा वर्ष 1978 में शुरू हुई थी। हाल ही में हुए यात्री संतुष्टि सर्वेक्षण में इस छोटे एयरपोर्ट ने देश के कई व्यस्त और बड़े हवाई अड्डों को पीछे छोड़ दिया। इससे पहले दिसंबर 2025 की रैंकिंग में भी यह शीर्ष स्थान पर रहा था।
खजुराहो एयरपोर्ट मध्य प्रदेश का घरेलू हवाई अड्डा है, जो लगभग 590 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। यह विश्व प्रसिद्ध खजुराहो मंदिर समूह के निकट स्थित है, जिसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है। पर्यटन की दृष्टि से यह क्षेत्र देश-विदेश के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) हर छह महीने में ग्राहक संतुष्टि सूचकांक (Customer Satisfaction Index-CSI) सर्वे कराती है। यह सर्वे स्वतंत्र एजेंसियों के माध्यम से कराया जाता है, जिसमें यात्रियों से एयरपोर्ट की 33 विभिन्न सुविधाओं, जैसे स्वच्छता, पार्किंग, वाई-फाई, खान-पान, परिवहन और अन्य सेवाओं के बारे में फीडबैक लिया जाता है। इन्हीं मानकों के आधार पर एयरपोर्ट को पांच अंकों के पैमाने पर रेटिंग दी जाती है।
यही कारण है कि वर्तमान में नियमित उड़ानें नहीं होने के बावजूद, पूर्व में यात्रियों द्वारा दिए गए सकारात्मक अनुभव और उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर खजुराहो एयरपोर्ट को देश का सर्वश्रेष्ठ एयरपोर्ट घोषित किया गया है।

