भारत-नेपाल सैन्य रिश्तों को मिला नया सम्मान, जनरल धीरज सेठ को नेपाल में मानद ‘जनरल’ रैंक

काठमांडू। भारत और नेपाल के बीच दशकों पुराने सैन्य रिश्तों को एक बार फिर खास सम्मान मिला है। भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ को नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने नेपाली सेना के मानद ‘जनरल’ की रैंक से सम्मानित किया है।
यह सम्मान काठमांडू स्थित राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में आयोजित एक विशेष समारोह में दिया गया। जनरल धीरज सेठ 17 से 19 अगस्त तक नेपाल की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं।
जनरल धीरज सेठ को नेपाल में बड़ा सैन्य सम्मान
समारोह में नेपाल के राष्ट्रपति ने भारतीय सेना प्रमुख को नेपाली सेना की मानद जनरल रैंक प्रदान की। यह सम्मान भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे मजबूत सैन्य संबंधों की एक खास पहचान माना जाता है।
भारत और नेपाल के बीच यह सिर्फ एक औपचारिक परंपरा नहीं है। दोनों देशों के सेना प्रमुखों को एक-दूसरे के देश की सेना में मानद जनरल की रैंक देने की परंपरा कई दशकों से चली आ रही है।
सात दशक से ज्यादा पुरानी है परंपरा
भारत और नेपाल के बीच सेना प्रमुखों को मानद जनरल की उपाधि देने की परंपरा करीब सात दशक पुरानी बताई जाती है। इस परंपरा के तहत दोनों देशों के सेना प्रमुख एक-दूसरे को सम्मानित करते हैं।
इस खास सैन्य परंपरा को दोनों देशों के बीच आपसी भरोसे, सम्मान और सैन्य भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। खास बात यह है कि समय के साथ दोनों देशों में राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व बदलता रहा, लेकिन यह परंपरा लगातार कायम रही।
सम्मान के पीछे सिर्फ परंपरा नहीं, गहरे रिश्ते भी
जनरल धीरज सेठ को मिला यह सम्मान भारत और नेपाल के बीच मजबूत रक्षा संबंधों को भी दर्शाता है। दोनों देशों की सेनाओं के बीच लंबे समय से प्रशिक्षण, सैन्य अभ्यास और उच्च स्तरीय बातचीत होती रही है।
दोनों देश आपदा प्रबंधन और मानवीय सहायता जैसे क्षेत्रों में भी एक-दूसरे के साथ सहयोग करते हैं। इसके अलावा सैन्य अधिकारियों के बीच नियमित संवाद और अनुभव साझा करने की प्रक्रिया भी दोनों देशों के रक्षा संबंधों को मजबूत करती है।
तीन दिवसीय नेपाल यात्रा पर हैं सेना प्रमुख
भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ 17 से 19 अगस्त तक नेपाल की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस दौरान दोनों देशों के सैन्य नेतृत्व के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है।
यात्रा के दौरान रक्षा सहयोग को और मजबूत करने, सैन्य प्रशिक्षण को बेहतर बनाने और साझा सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा हो सकती है।
भारत और नेपाल की भौगोलिक स्थिति और लंबे समय से चले आ रहे सामाजिक-सांस्कृतिक संबंधों को देखते हुए दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।
बदलते दौर में भी कायम है सैन्य भाईचारा
भारत और नेपाल के बीच रिश्ते सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के लोगों के बीच भी सदियों पुराने सामाजिक और सांस्कृतिक संबंध हैं। यही जुड़ाव दोनों देशों की सेनाओं के रिश्तों में भी दिखाई देता है।
मानद जनरल रैंक का यह सम्मान इसी सैन्य भाईचारे की एक अनोखी मिसाल है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसी परंपराएं दोनों देशों के सैन्य संस्थानों के बीच विश्वास और निरंतरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
रक्षा साझेदारी को मिल सकती है नई दिशा
जनरल धीरज सेठ की नेपाल यात्रा को भारत-नेपाल रक्षा संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण और रणनीतिक संवाद पहले से जारी हैं।
ऐसे में इस यात्रा से रक्षा सहयोग के नए क्षेत्रों पर बातचीत आगे बढ़ने की उम्मीद है। खासकर बदलती क्षेत्रीय सुरक्षा परिस्थितियों के बीच भारत और नेपाल के बीच बेहतर समन्वय दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
कुल मिलाकर, जनरल धीरज सेठ को नेपाली सेना की मानद ‘जनरल’ रैंक मिलना भारत-नेपाल के पुराने सैन्य रिश्तों, आपसी सम्मान और भरोसे की मजबूत मिसाल है। सात दशक से ज्यादा पुरानी यह परंपरा आज भी दोनों देशों के बीच सैन्य भाईचारे को नई मजबूती दे रही है।



