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Chhattisgarh

बालोद में बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता, 9 दिन में सिर्फ 28 MM पानी;

अगले 2 दिन पर टिकी उम्मीद

बालोद। सावन शुरू होते ही जिस बारिश का किसान बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, वो फिलहाल कमजोर पड़ती नजर आ रही है। बालोद जिले में सावन के शुरुआती 9 दिनों में सिर्फ 28 मिमी बारिश दर्ज हुई है। बारिश की कमी से खेतों में नमी कम होने लगी है और किसानों की चिंता बढ़ रही है।

आषाढ़ में अच्छी बारिश होने के कारण किसानों ने धान समेत दूसरी फसलों की तैयारी कर ली थी। लेकिन सावन में बारिश का दौर कमजोर पड़ने से अब किसानों की नजर आसमान पर टिकी है।

सावन में बारिश ने किया निराश! 9 दिन में सिर्फ 28 MM पानी

7 अगस्त की शाम जिले के कुछ हिस्सों में हल्की रिमझिम बारिश हुई, लेकिन किसानों के मुताबिक इतनी बारिश फसलों के लिए पर्याप्त नहीं है।

बारिश कम होने की वजह से जिले में कुछ जगहों पर खंड वर्षा जैसे हालात बनने लगे हैं। यानी किसी इलाके में बारिश हो रही है, तो कहीं खेत सूखे रह जा रहे हैं।

धान की फसल के लिए इस समय खेतों में पर्याप्त नमी जरूरी है। ऐसे में अगर बारिश का दौर आगे भी कमजोर रहा, तो किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ सकते हैं।

अगले 2 दिन बारिश का इंतजार! किसानों को मिलेगी राहत या फिर बढ़ेगी चिंता?

हालांकि किसानों के लिए राहत की खबर भी है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले दो दिनों में जिले में बारिश की संभावना जताई गई है। आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है।

अगर अच्छी बारिश होती है तो खेतों में नमी बढ़ेगी और किसानों को काफी राहत मिल सकती है।

सावन में कब-कितनी बारिश?

31 जुलाई से 7 अगस्त के बीच जिले में कुल 28 मिमी बारिश दर्ज की गई।

31 जुलाई – 11.3 मिमी

1 अगस्त – 0.4 मिमी

2 अगस्त – 0.4 मिमी

3 अगस्त – 0.1 मिमी

4 अगस्त – 5.4 मिमी

5 अगस्त – 8.1 मिमी

6 अगस्त – 2.3 मिमी

7 अगस्त – 0 मिमी

यानी 7 अगस्त को जिले में बारिश का आंकड़ा शून्य रहा।

सीजन में 684 MM बारिश, फिर सावन में क्यों सूखे खेत?

पूरे मानसून सीजन की बात करें तो 1 जून से अब तक बालोद जिले में 684.5 मिमी औसत बारिश दर्ज की जा चुकी है।

तहसीलवार देखें तो सबसे ज्यादा बारिश मार्रीबंगला-देवरी में 830.3 मिमी दर्ज हुई है। वहीं सबसे कम बारिश गुंडरदेही में 628.3 मिमी हुई है।

बालोद में 667.1 मिमी, गुरुर में 637.3 मिमी, डौंडीलोहारा में 743.2 मिमी और अर्जुंदा में 723.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है।

किसानों की नजर अब आसमान पर

किसानों का कहना है कि आषाढ़ में अच्छी बारिश से खेतों में नमी बनी हुई थी, लेकिन सावन में बारिश का सिलसिला कमजोर होने से चिंता बढ़ रही है।

अगर आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है तो धान समेत दूसरी फसलों को राहत मिलेगी। लेकिन अगर बारिश ने फिर से मुंह मोड़ा, तो खेतों में पानी की जरूरत बढ़ सकती है।

फिलहाल बालोद के किसानों की नजर अगले दो दिनों की बारिश पर टिकी है। अब देखना होगा कि मौसम विभाग का अनुमान किसानों के लिए राहत लेकर आता है या बारिश एक बार फिर दगा दे जाती है।

 

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Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

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