Follow Us on Our Social Media
Chhattisgarh

भाजपा की समन्वय बैठकों में खुलकर उठे मुद्दे, विजय बघेल बोले- मन की बात कहने से मन हल्का हो जाता है

रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में लगातार दूसरे दिन संगठन की समन्वय बैठकों का दौर जारी रहा। अलग-अलग जिलों की समीक्षा के दौरान संगठन की मजबूती, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय तथा आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की जा रही है। इसी बीच दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल के बयान ने बैठकों को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज कर दी है।

दुर्ग जिले की समीक्षा बैठक के बाद विजय बघेल ने कहा कि संगठन के बड़े नेताओं के सामने अपने मन की बात खुलकर कह देने से मन भी हल्का हो जाता है। हालांकि, उन्होंने सत्ता और संगठन के बीच किसी तरह के विवाद या तालमेल की कमी की चर्चाओं को पूरी तरह खारिज कर दिया।

17 जिलों की हो रही समीक्षा

भाजपा की दूसरे दिन की बैठकों में 17 जिलों की समीक्षा की जा रही है। दुर्ग, राजनांदगांव और सक्ती जिले की समीक्षा के बाद रायपुर जिले की बैठक आयोजित की गई। इसमें शहर और ग्रामीण क्षेत्र के विधायक, सांसद, जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी और प्रभारी मंत्री शामिल हुए।

बैठकों में सत्ता और संगठन के बीच बेहतर तालमेल बनाने, संगठन को बूथ और मंडल स्तर तक मजबूत करने तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर मंथन किया जा रहा है। क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय की मौजूदगी में जिलों की बारीकी से समीक्षा की जा रही है।

विजय बघेल ने कहा- सभी मुद्दों पर खुलकर हुई चर्चा

दुर्ग जिले की समीक्षा बैठक के बाद विजय बघेल ने कहा कि बैठक में जिले से जुड़े सभी विषयों और समस्याओं पर खुलकर बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि संगठन के वरिष्ठ नेताओं के सामने अपने मन की बात रखने का मौका मिला और इससे मन हल्का होता है।

सत्ता और संगठन के बीच तालमेल को लेकर चल रही चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि ऐसा कोई विवाद नहीं है। उन्होंने कहा कि बैठक में सभी मुद्दों पर चर्चा हुई और संगठन को और मजबूत बनाने को लेकर आगे की रणनीति पर विचार किया गया।

पहले दिन 16 जिलों से लिया गया फीडबैक

भाजपा की समन्वय बैठक के पहले दिन 16 जिलों की रिपोर्ट संगठन के सामने रखी गई थी। क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने जिलों के प्रभारी मंत्रियों, जिलाध्यक्षों, संभाग प्रभारियों, जिला प्रभारियों और विधायकों से फीडबैक लिया।

सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान कई जिलों के पदाधिकारियों ने प्रभारी मंत्रियों के सामने कार्यकर्ताओं से जुड़ी समस्याएं रखीं। कुछ पदाधिकारियों ने शिकायत की कि कार्यकर्ताओं के काम समय पर नहीं हो रहे हैं और अधिकारी संगठन की बातों को गंभीरता से नहीं लेते।

मंत्रियों के सामने उठे कई मुद्दे

बैठक में प्रभारी मंत्रियों के जिलों में नियमित दौरे नहीं होने का मुद्दा भी सामने आया। इसके अलावा बिजली बिल को लेकर जनता में नाराजगी और विधायकों की ओर से मंत्रियों को पत्र लिखने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने की शिकायतें भी रखी गईं।

इन शिकायतों पर संगठन की ओर से प्रभारी मंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे अपने प्रभार वाले जिलों का नियमित दौरा करें और स्थानीय कार्यकर्ताओं तथा जनता की समस्याओं को गंभीरता से समझें।

बताया जा रहा है कि करीब दो महीने पहले मुख्यमंत्री निवास में भी इस तरह की बैठक आयोजित हुई थी। अब भाजपा संगठन एक बार फिर मंत्रियों और जिलों के कामकाज का फीडबैक लेकर रिपोर्ट तैयार कर रहा है।

Follow Us on Our Social Media

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button