न्यूयॉर्क के ISKCON मंदिर पहुंचे मोहन भागवत, बोले- विविधता के बावजूद हम सब एक हैं

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क स्थित ISKCON के भक्ति सेंटर में पूजा-अर्चना की और लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कृष्ण चेतना, एकता और कर्तव्य के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि दुनिया में विविधता और विरोधाभासों के बावजूद सभी एक हैं।
कृष्ण चेतना और एकता का संदेश
मोहन भागवत ने कहा कि पूरी दुनिया कृष्णमय है और लोगों को कृष्ण चेतना को जागृत करने की जरूरत है। उन्होंने भगवद्गीता की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जीवन की चुनौतियों से भागने के बजाय उनका सामना करना चाहिए, अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए और यह समझना चाहिए कि हर चीज में दिव्यता मौजूद है।
उन्होंने कहा कि यदि यह विचार हर व्यक्ति तक पहुंच जाए तो दुनिया बेहतर स्थान बन सकती है। उनके मुताबिक, लोगों को यह समझने की जरूरत है कि वे अलग-अलग भूमिकाओं में होने के बावजूद एक साझा उद्देश्य के लिए काम कर रहे हैं।
कॉर्पोरेट संगठन का उदाहरण देकर समझाया
भागवत ने अपनी बात समझाने के लिए कॉर्पोरेट संगठन का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि किसी संगठन में निदेशक और सीईओ रणनीति तैयार करते हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग उस लक्ष्य को पूरा करने के लिए मिलकर काम करते हैं। सभी लोगों को पूरी योजना की जानकारी हो, यह जरूरी नहीं, लेकिन उनका योगदान अंतिम उद्देश्य की दिशा में होता है।
उन्होंने इसी उदाहरण के जरिए कहा कि जब लोग यह समझते हैं कि वे एक साझा और दिव्य उद्देश्य के लिए काम कर रहे हैं तो प्रगति की गति बढ़ जाती है।
न्यूयॉर्क में ऐतिहासिक ISKCON स्थल पर पहुंचे
मोहन भागवत न्यूयॉर्क के 26 सेकंड एवेन्यू स्थित उस स्थान पर भी पहुंचे, जहां स्वामी प्रभुपाद ने 1966 में पहला ISKCON मंदिर स्थापित किया था। यहां उन्होंने भगवान की आरती और प्रार्थना की। उनके दौरे के दौरान जरूरतमंद और बेघर लोगों के लिए चलाए जा रहे भोजन वितरण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
इस वर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी 100वीं वर्षगांठ मना रहा है, जबकि ISKCON की स्थापना के 60 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इसी अवसर पर आध्यात्मिकता, सेवा और सामाजिक बदलाव जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
सनातन धर्म और सेवा पर भी हुई चर्चा
ISKCON की गवर्निंग बॉडी कमीशन के सदस्य गौरंग दास के अनुसार, भागवत के दौरे के दौरान सनातन धर्म को लोगों के दैनिक जीवन से जोड़ने और सेवा के माध्यम से सामाजिक बदलाव लाने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि न्यूयॉर्क में ‘जीरो हंगर’ अभियान के तहत बड़े स्तर पर भोजन वितरण किया जा रहा है।
न्यूयॉर्क में कार्यक्रम का विरोध भी
मोहन भागवत के न्यूयॉर्क दौरे के बीच उनके प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर विरोध भी सामने आया है। 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ को लेकर कुछ संगठनों ने आपत्ति जताई है। विरोध करने वाले संगठनों का कहना है कि RSS की विचारधारा उनका प्रतिनिधित्व नहीं करती। वहीं, कार्यक्रम के आयोजकों की ओर से इसे एकता और आध्यात्मिक संवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।



