16 जुलाई से फिर सक्रिय होगा मानसून
छत्तीसगढ़ के कई जिलों में झमाझम बारिश के आसार

रायपुर-छत्तीसगढ़ में कुछ दिनों से सुस्त पड़े मानसून के एक बार फिर रफ्तार पकड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 16 जुलाई से प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेज हो सकती हैं, जिससे रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, महासमुंद समेत कई जिलों में अच्छी बारिश होने के आसार हैं। इससे गर्मी और उमस से परेशान लोगों के साथ-साथ किसानों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
कई दिनों से सुस्त पड़ा है मानसून
महासमुंद सहित प्रदेश के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से मौसम बार-बार बदल रहा है। आसमान में बादल तो छा रहे हैं, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हो रही। जुलाई महीने में अब तक केवल दो दिन ही अच्छी बारिश दर्ज की गई है। इसके बाद मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई, जिससे उमस और गर्मी लगातार बढ़ती रही।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे लगे दक्षिणी बांग्लादेश के ऊपर ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। यह समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है और दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर झुका हुआ है।
इस सिस्टम के प्रभाव से अगले 24 घंटों में उत्तरी बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बनने की संभावना है। यही सिस्टम छत्तीसगढ़ में मानसून को दोबारा सक्रिय करेगा।
16 जुलाई से बढ़ सकती है बारिश की रफ्तार
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे-जैसे यह मौसम प्रणाली मजबूत होगी, पूर्वी और मध्य भारत में मानसून की गतिविधियां तेज होंगी। इसका सीधा असर छत्तीसगढ़ पर भी पड़ेगा और 16 जुलाई से कई जिलों में मध्यम से तेज बारिश देखने को मिल सकती है।
बारिश शुरू होने के साथ ही दिन और रात के तापमान में गिरावट आने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी।
किसानों के लिए राहत भरी खबर
मानसून की धीमी रफ्तार का असर खरीफ फसलों की बुवाई और शुरुआती बढ़वार पर पड़ने लगा था। धान की खेती करने वाले किसानों को पर्याप्त बारिश का इंतजार था। अब मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान ने किसानों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है तो खेतों में नमी बढ़ेगी और धान समेत अन्य खरीफ फसलों की वृद्धि को फायदा मिलेगा।
UJJ
पिछले कई दिनों से बादल छाने के बावजूद बारिश नहीं होने के कारण प्रदेश में उमस काफी बढ़ गई है। यदि मौसम विभाग का अनुमान सही साबित होता है तो 16 जुलाई से शुरू होने वाला बारिश का दौर लोगों को राहत देगा। फिलहाल सभी की नजरें बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र और उससे बनने वाली मौसम प्रणाली पर टिकी हुई हैं।

