नीट पेपर लीक मामला: फास्ट ट्रैक कोर्ट में आरोपियों ने मांगा पॉलीग्राफ टेस्ट, सीबीआई से जवाब तलब

नीट पेपर लीक मामले की सुनवाई कर रही फास्ट ट्रैक कोर्ट में पहली प्रभावी सुनवाई के दौरान आरोपियों ने स्वयं का पॉलीग्राफ टेस्ट, ब्रेन मैपिंग और लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग कर नया कानूनी दांव चला है। आरोपियों की ओर से दायर आवेदन पर कोर्ट ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही यह भी पूछा है कि कानूनी दृष्टि से इस तरह का आवेदन कितना उचित और स्वीकार्य है। मामले की अगली सुनवाई 6 अगस्त को निर्धारित की गई है।
आरोपियों की मांग पर कोर्ट ने मांगा सीबीआई का पक्ष
फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकील ने अदालत से पॉलीग्राफ, ब्रेन मैपिंग और लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की अनुमति देने का अनुरोध किया। अदालत ने इस आवेदन पर सीबीआई को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही जांच एजेंसी को चार्जशीट की समीक्षा पूरी कर सभी आरोपियों को उसकी प्रति उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।
इस बीच दो आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई भी 6 अगस्त तक स्थगित कर दी गई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि चार्जशीट पर विचार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
20 हजार पन्नों की चार्जशीट, जांच का दायरा व्यापक
सीबीआई ने मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ करीब 20 हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें 360 गवाहों के बयान, 422 दस्तावेज और 43 भौतिक साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, दस्तावेजों की स्कैनिंग और सभी आरोपियों को प्रतियां उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।
जांच के दौरान विभिन्न राज्यों में तलाशी अभियान चलाया गया और कई बैंक खातों, लॉकरों तथा एक डीमैट खाते को फ्रीज किया गया है। सीबीआई के अनुसार, मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) से जुड़े विषय विशेषज्ञ भी शामिल हैं। फिलहाल सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में जारी है।

