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देश के 20 AIIMS में 17,340 पद खाली, दिल्ली में सबसे ज्यादा कमी; रायपुर, पटना और भुवनेश्वर भी प्रभावित

नई दिल्ली। देश के 20 संचालित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थानों (AIIMS) में डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों की भारी कमी बनी हुई है। लोकसभा में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव द्वारा 24 जुलाई 2026 को दिए गए जवाब के अनुसार, 2026-27 में कुल 17,340 स्वीकृत पद खाली हैं। इनमें 2,181 फैकल्टी और 15,159 नॉन-फैकल्टी पद शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि योग्य उम्मीदवारों की उपलब्धता, आरक्षण रोस्टर और कुछ संस्थानों की भौगोलिक स्थिति के कारण भर्ती प्रक्रिया प्रभावित होती है। हालांकि, रिक्त पदों को भरने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं।

दिल्ली AIIMS में सबसे ज्यादा रिक्तियां

देश के सबसे बड़े और पुराने AIIMS, नई दिल्ली में सबसे अधिक पद खाली हैं।

  • फैकल्टी के खाली पद: 436
  • नॉन-फैकल्टी के खाली पद: 2,461
  • कुल रिक्तियां: 2,897

सबसे ज्यादा खाली पद वाले 10 AIIMS

रैंकAIIMSफैकल्टीनॉन-फैकल्टीकुल रिक्त पद
1नई दिल्ली4362,4612,897
2पटना881,1031,191
3रायपुर921,0681,160
4भुवनेश्वर991,0451,144
5ऋषिकेश1279731,100
6मदुरै1089391,047
7भोपाल68853921
8जोधपुर184695879
9गुवाहाटी64685749
10राजकोट89650739

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि केवल नए AIIMS ही नहीं, बल्कि पटना, रायपुर, भुवनेश्वर और ऋषिकेश जैसे प्रमुख संस्थानों में भी एक हजार से अधिक पद खाली हैं।

भर्ती में सुधार, लेकिन रफ्तार धीमी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2023-24 से 2026-27 के बीच कई AIIMS में स्वीकृत पदों की संख्या बढ़ाई गई है और कुछ जगहों पर रिक्तियां घटी भी हैं। हालांकि, नए पदों के सृजन की तुलना में भर्ती की गति धीमी रहने से कुल खाली पदों की संख्या अब भी काफी अधिक है।

सरकार ने भर्ती तेज करने के लिए उठाए कदम

रिक्तियां भरने के लिए सरकार ने कई उपाय लागू किए हैं-

  • सभी AIIMS में स्टैंडिंग सेलेक्शन कमेटी का गठन।
  • नए AIIMS में 70 वर्ष तक के सेवानिवृत्त फैकल्टी की अनुबंध पर नियुक्ति।
  • विजिटिंग फैकल्टी योजना के तहत देश-विदेश के विशेषज्ञों की सेवाएं।
  • NORCET के माध्यम से नर्सिंग ऑफिसरों की भर्ती।
  • कॉमन रिक्रूटमेंट एग्जाम (CRE) से ग्रुप B और C कर्मचारियों की नियुक्ति।
  • INI-CET और INI-SS के जरिए जूनियर और सीनियर रेजिडेंट्स की भर्ती।

मरीजों की सुविधा बढ़ाने पर भी जोर

सरकार का कहना है कि स्टाफ की कमी के बावजूद मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। इनमें OPD सेवाओं का विस्तार, ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, एक ही दिन में जांच की सुविधा, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के तहत डिजिटल हेल्थ सेवाएं, डायग्नोस्टिक सुविधाओं का विस्तार और सरकारी योजनाओं के तहत कैशलेस इलाज शामिल हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि AIIMS जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में नॉन-फैकल्टी स्टाफ की कमी दूर करना स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की देखभाल बेहतर बनाने के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है।

 

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