यूपी-बिहार में बाढ़ से 48 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, MP में फिर एक्टिव हुआ मानसून; 12 राज्यों में बारिश का अलर्ट

दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून (MAUSAM) एक बार फिर सक्रिय हो गया है। उत्तर प्रदेश और बिहार में भारी बारिश के बाद बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। यूपी में गंगा-यमुना समेत 10 से ज्यादा नदियां उफान पर हैं और 26 जिले बाढ़ की चपेट में हैं।
यहां 4 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित बताए गए हैं। वहीं बिहार के 14 जिलों के 2,360 गांवों में करीब 44 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। मध्य प्रदेश में तीन दिन के ब्रेक के बाद मानसूनी सिस्टम फिर सक्रिय हुआ है। शुक्रवार को 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। राजस्थान, झारखंड और उत्तराखंड में भी कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
यूपी में 26 जिले बाढ़ की चपेट में
उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण गंगा और यमुना समेत 10 से ज्यादा नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। राज्य के 26 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। मिर्जापुर में पुल डूब गया है, जबकि फर्रुखाबाद में हाईवे पर पानी भरने से आवाजाही प्रभावित हुई है। उन्नाव में गंगा के उफान के कारण 10 से ज्यादा गांवों के लोगों को आने-जाने के लिए जुगाड़ की नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को पूरे प्रदेश में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 48 जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। लखनऊ में सुबह बारिश हुई और आसमान में बादल छाए रहे। गुरुवार को लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और कौशांबी समेत 32 जिलों में बारिश दर्ज की गई।
बिहार में 44 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित
बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार (MAUSAM) गंभीर बनी हुई है। राज्य की 8 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। 14 जिलों में बाढ़ का असर है और 2,360 गांवों में करीब 44 लाख लोग प्रभावित हैं। बाढ़ के कारण 27,954 लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है।
भागलपुर में गंगा का पानी तिलकामांझी यूनिवर्सिटी के कैंपस तक पहुंच गया है। मुंगेर के मनियारचक गांव में भी बाढ़ का पानी भर गया है। नवगछिया के रंगरा प्रखंड में कोसी नदी के दबाव के कारण रेला बांध पर खतरा बढ़ गया है और आसपास के गांवों की ओर पानी फैलने की स्थिति बनी हुई है।
MP में तीन दिन बाद फिर सक्रिय हुआ मानसून
मध्य प्रदेश में तीन दिन के ब्रेक के बाद मानसून फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुरुवार रात भोपाल, नर्मदापुरम और विदिशा में बारिश हुई। दमोह में बाढ़ के हालात बने हुए हैं और कई कॉलोनियों में पानी भर गया है।
मौसम विभाग के मुताबिक, 12 सितंबर से इंदौर, नर्मदापुरम और उज्जैन संभाग में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम का असर मध्य प्रदेश समेत मध्य भारत के कई हिस्सों में दिखाई देगा।
झारखंड में 8 जिलों में भारी बारिश की संभावना
बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम के असर से झारखंड में भी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। शुक्रवार को राज्य के 8 जिलों में भारी बारिश की संभावना है। कई इलाकों में गरज-चमक, वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का अनुमान है।
कोडरमा में नदी के उफान पर आने से तीन गांवों के बच्चों को पानी के बीच से होकर स्कूल जाने की परेशानी उठानी पड़ रही है।
उत्तराखंड में यलो अलर्ट, राजस्थान में 15 सितंबर तक बारिश
उत्तराखंड के सभी जिलों में शुक्रवार को गरज-चमक (MAUSAM) के साथ बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
राजस्थान में भी बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम के असर से मानसून फिर सक्रिय होने का अनुमान है। शुक्रवार को 9 जिलों में तेज बारिश का यलो अलर्ट है। राज्य में बारिश का दौर 15 सितंबर तक जारी रहने की संभावना है।
हिमाचल में कमजोर पड़ा मानसून
हिमाचल प्रदेश में फिलहाल मानसून कमजोर पड़ा है। 3 से 10 सितंबर के बीच राज्य में सामान्य से 56% कम बारिश हुई। इस अवधि में सामान्य तौर पर 40 मिमी बारिश होती है, जबकि इस बार 17.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। हालांकि तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने का अनुमान है।



