
तेहरान। ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि प्रधानमंत्री मोदी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे या नहीं।
खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए ईरान में कई दिनों तक धार्मिक और सरकारी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सरकार ने उनके सम्मान में राष्ट्रीय स्तर पर शोक कार्यक्रमों की घोषणा की है।
5 से 9 जुलाई तक होंगे श्रद्धांजलि कार्यक्रम
जानकारी के अनुसार 5 जुलाई से 9 जुलाई के बीच तेहरान, कोम और मशहद में कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 5, 6 और 7 जुलाई को तेहरान और कोम में बड़े श्रद्धांजलि समारोह होंगे, जहां देशभर से लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
इन कार्यक्रमों में धार्मिक नेताओं, सरकारी अधिकारियों और आम नागरिकों द्वारा खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। वहीं 9 जुलाई को मशहद में अंतिम सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा।
अंतिम संस्कार में लाखों नहीं, करोड़ों लोगों के पहुंचने की उम्मीद
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, खामेनेई के अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में करीब 2 करोड़ लोगों के शामिल होने का अनुमान लगाया जा रहा है। भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी है।
तेहरान में 5 और 6 जुलाई को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। वहीं अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान अन्य क्षेत्रों में भी छुट्टी रहने की जानकारी सामने आई है।
युद्ध और तनाव के कारण टला था कार्यक्रम
बताया जा रहा है कि खामेनेई का अंतिम संस्कार पहले आयोजित किया जाना था, लेकिन क्षेत्र में जारी तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के चलते कार्यक्रम को आगे बढ़ा दिया गया था।
ईरान में हालिया घटनाक्रम के बाद अब सरकार ने अंतिम संस्कार की तारीख तय कर दी है और बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
मोजतबा खामेनेई संभाल रहे हैं जिम्मेदारी
खामेनेई के निधन के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। बताया जाता है कि हालिया संघर्ष के दौरान वे भी घायल हुए थे।
पद संभालने के बाद से मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक मंचों पर कम नजर आए हैं और अधिकतर आधिकारिक बयानों के माध्यम से अपनी बात रख रहे हैं। वहीं ईरान सरकार का पूरा ध्यान अब अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक आयोजित करने पर केंद्रित है।
दुनिया की नजरें ईरान पर
अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार को लेकर दुनिया भर की नजरें ईरान पर टिकी हुई हैं। कई देशों के नेताओं और प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में यह कार्यक्रम केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

